स्कूली बच्चों को कुपोषण से बचाने की योजना में बड़े स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। सोमवार को पूर्व माध्यमिक विद्यालय मिर्जापुर में छात्र-छात्राओं को खाने के लिए गले व कीड़ेयुक्त अमरूद बांट दिए गए।
अमरूद की हालत देख बच्चों ने खाने से इंकार किया तो उन्हें धमकाया गया। सूचना पर अभिभावक और पंचायत प्रतिनिधि पहुंचे तो हंगामा हो गया। डेढ़ घंटे तक अफरातफरी रही। खराब फल फेंकने पर मामला शांत हुआ।
पंचायत प्रतिनिधि और अभिभावकों ने जिला मुख्यालय पहुंच सीडीओ को अवगत कराया है। उन्होंने जांच के निर्देश दिए हैं। स्कूली बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए मिड डे मील के साथ फल वितरण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने साफ-सुथरे मौसमी फल देने की हिदायत है।
सोमवार को तेजवापुर ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मिर्जापुर में भोजनावकाश के दौरान छात्र-छात्राओं को खाने की जगह अमरूद बांटे गए। सड़े-गले अमरूदों में कीड़े भी पड़े थे। यह देख छात्र-छात्राओं ने उन्हें खाने से इंकार कर दिया। इस पर अमरूद बंटवाने आए प्रधान पति और सहयोगियों ने बच्चों को धमकाया।
कुछ छात्रों ने दौड़कर परिवार के लोगों को बता दिया। सूचना पर कई अभिभावक और ग्राम पंचायत सदस्य स्कूल जा धमके और हंगामा शुरू हो गया। एक-डेढ़ घंटे तक अफरातफरी की स्थिति रही। फल फेंके जाने पर लोग शांत हुए।
ग्राम पंचायत सदस्य आशीष कुमार, शंकर मौर्या, कैलाश नाथ आदि ने बताया कि दो जुलाई से स्कूल खुला है लेकिन अब तक मिड डे मील नहीं बना है। छात्र भूखे रहते हैं। फल वितरण योजना के नाम पर औपचारिकता निभायी जा रही है।