बहराइच। लोगों का जीवन बचाने वाले फायर कर्मी खुद खतरे के साए में रहने को विवश हैं। फायरकर्मियों का सरकारी आवास पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। शुक्रवार देर शाम एक फायरकर्मी के जर्जर आवास की छत भरभरा कर गिर गई। हालांकि फायरकर्मी आवास से बाहर ही निकला था, इसलिए एक बड़ा हादसा होने से बच गया।
अमर उजाला ने इस खबर को प्रकाशित कर अधिकारियों को सचेत किया था लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। लखनऊ में शनिवार को रेलवे की जर्जर कॉलोनी में एक मकान की छत ढहने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के बाद तो प्रशासन काे जागना चाहिए।
शहर के मध्य स्थित मोहल्ला अकबरपुरा में वर्ष 1980 के करीब अग्निशमन विभाग कार्यालय की स्थापना की गई थी। स्थापना काल के दौरान परिसर में ही दो विभाग के कार्य के लिए कार्यालय कक्ष का निर्माण कराया गया था। जबकि इसी परिसर में ही सात अग्निशमन विभाग के कर्मियों के रहने के लिए आवासीय भवन का निर्माण कराया गया था। इसके अलावा परिसर में ही बैरक भी निर्मित हुई थी जिसको मौजूदा समय विभाग कंट्रोल रूम के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।
करीब 43 वर्ष पूर्व निर्मित भवन मरम्मत व देखरेख के आभाव आज जर्जर अवस्था में पंहुच गया है। हालांकि विभाग यदाकदा अपने संसाधनों से छुटपुट कार्य कराते रहे हैं। लेकिन विभाग द्वारा चार दशक से अधिक समय होने को है, भवन में एक इंच का भी मरम्मत व निमार्ण का कार्य नहीं कराया जा सका।
हालात यह है कि मरम्मत न होने से भवन जर्जर हो चुके हैं और सीलन की चपेट में है। बरसात के मौसम में छतें टपकती रहतीं हैं। छत का प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। अक्सर प्लास्टर टूटने पर फायरकर्मियों को भागकर जान बचानी पड़ती है।
इसी आवासीय भवन के छह नंबर के आवास में फायरकर्मी राम अभिलाख तिवारी के आवास की छत बीते शुक्रवार की शाम भराभरा कर ढह गई। फायरकर्मी अपने भवन से बाहर ही निकला था तभी यह हादसा हो गया। इसलिए अनहोनी होने से बच गई। आवास की छत ढहने के बाद सभी कर्मी काफी दहशत में हैं।
उच्चाधिकारियों से किया जा रहा है पत्राचार
विभाग के उच्चाधिकारियों को घटना से अवगत कराया जा रहा है। इस संबंध पत्राचार किया जाएगा। सोमवार को एसपी को घटना से अवगत कराया जाएगा।
गेंदालाल-प्रभारी अग्निशमन अधिकारी