बहराइच। नानपारा को जिला बनाने की उठ रहीं मांगों के बीच सुखद खबर सामने आई है। शासन ने विधायक माधुरी वर्मा के पत्र पर कार्रवाई करते हुए नानपारा को जिला बनाने के लिए बहराइच और लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब की है। राजस्व परिषद ने लखनऊ और देवीपाटन मंडल के मंडलायुक्तों को भी पत्र जारी किया है। दोनों जिलों के डीएम से औचित्यपूर्ण आख्या के साथ संस्तुति भेजे जाने के निर्देश दिए गए हैं।
नानपारा तहसील क्षेत्र को जिला बनाने की मांग अरसे से की जा रही थी। बीते दिनों नानपारा जिला बनाओ सम्मेलन का आयोजन भी किया गया था। नानपारा विधायक माधुरी वर्मा की अगुवाई में बीते दिनों एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या और भारतीय जनता पार्टी के के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह से मुलाकात की थी, जिसमें प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने जिला बनाने की मांग रखी थी।
विधायक माधुरी वर्मा ने विधानसभा के प्रमुख सचिव को भी नियम 51 के तहत पत्र भेजा था, जिसमें विधानसभा में उठाए गए विषय पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने का अनुरोध किया गया था। शासन ने विधायक की पहल पर अब कार्रवाई शुरू कर दी है। राजस्व परिषद के विशेष कार्याधिकारी सुनील कुमार झा ने देवीपाटन मंडल गोंडा के आयुक्त और लखनऊ मंडल के आयुक्त के साथ ही जिलाधिकारी बहराइच और जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी को पत्र जारी कर आख्या तलब की है।
विशेष कार्याधिकारी ने दोनों जिलों के जिलाधिकारी को तहसील नानपारा और खीरी के विकास खंड ईसानगर को मिलाकर जिला बनाए जाने के संबंध में औचित्यपूर्ण आख्या संस्तुति के साथ शासन को भेजे जाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी शंभु कुमार ने बताया कि शासन का पत्र मिला है। जल्द ही सूचना बनाकर भेजी जाएगी।
यह रखा है प्रस्ताव
विधायक माधुरी वर्मा ने शासन को दिए गए पत्र में विधानसभा क्षेत्र नानपारा, बलहा, मटेरा और महसी के हिस्सों को जोड़ने के साथ ही विकास खंड नवाबगंज, शिवपुर, रिसिया और महसी के 60 प्रतिशत हिस्सों को जिले में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही लखीमपुर जिले के विकास खंड ईसानगर को भी इसमें शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है।
500 बीघा उपलब्ध है जमीन
विधायक प्रतिनिधि और पूर्व विधायक दिलीप वर्मा ने बताया कि शासन के मानक के अनुसार जिला बनाए जाने के लिए करीब 250 बीघा जमीन उपलब्ध होना अनिवार्य है। ग्राम समाज और जिला पंचायत के साथ ही तहसील प्रशासन के पास करीब 500 बीघा नजूल की भूमि उपलब्ध है। ऐसे में सरकार को किसी भी तरह के निर्माण कार्य के लिए जमीन खरीदने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। दो तहसीलों के साथ सात विकास खंडों को शामिल कर जिला बनाया जा सकता है। क्योंकि श्रावस्ती जनपद में महज दो तहसीलें और चार विकास खंड ही थे। नानपारा के जिला बनने से लोगों को 50 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने से निजात भी मिल सकेगी।