बहराइच (ब्यूरो)। हजरत इमाम हुसैन व उनके भतीजे हजरत कासिम की शहादत की याद में सातवीं मोहर्रम का जुलूस बुधवार को मातमी माहौल में अपने कदीमी रास्तों से होते हुए निकलेगा। ये जुलूस 48 घंटे तक निरंतर चलेगा।
इस दौरान इमाम हुसैैन के घोड़े का प्रतीक दुलदुल आकर्षण का केंद्र होगा। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पुख्ता इंतजाम का दावा किया है।
शिया धर्मावलंबी फिदा अब्बास ने बताया कि जुलूस का नेतृत्व मोहसिन जाफरी व जिया रिजवी करेंगे। जुलूसों के निकलने का सिलसिला बुधवार को दिन में तीन बजे से शुरू होगा। इसकी शुरुआत चांदपुरा, कासिमपुरा व सैय्यदबाड़ा से होगी।
सभी रजिस्टर्ड अंजुमनें मातम करती हुईं दुलदुल हाउस पहुंचेंगी। वहां मजलिस होगी, जिसे मौलाना मौलाना वसीम आलम जरवली संबोधित करेंगे। जिया रिजवी व मोहसिन जाफरी दुलदुल बरामद करेंगेे।
दुलदुल हाउस परिसर में लाहौर का जंजीरी मातम सिब्ते रजा, मो. अकरम रिजवी, कैसर रजा जैदी, मो. हशम रिजवी समेत कई लोग मातम करेंगे। यहां से निकलकर जुलूस पीपल तिराहा, पुराना स्टेट बैंक से होते हुए बड़ीहाट पहुंचेगा।