बरसात थमने के बाद राप्ती नदी का जलस्तर घटने के साथ लहरें ने किनारों को तेजी से काटना शुरू कर दिया है। इससे इकौना क्षेत्र के मुश्काबाद, बिराहिमपुर सहित कई स्थानों पर करीब सौ बीघा खेत नदी में समा चुके हैं। राप्ती के किनारे बसे ग्रामीण मजबूरन अपने हाथों अपना आशियाना उजाड़ रहे हैं।
इकौना क्षेत्र के ग्राम मुस्काबाद व बिराहिमपुर में हीरालाल, गोमती, चंद्र प्रकाश, गोविंद, आदित्य प्रसाद, जगराम, विजय, कृपाराम, रामफेरन, सियाराम, शिवराम, रामबहादुर, शेषमणि सहित 25 लोगों के घर राप्ती की कटान की आ गए।
भिनगा के मनिकापुर में शिव प्रसाद, राम गोपाल व मंगल कटान की आशंका के चलते अपने आशियाने अपने हाथों उजाड़ रहे हैं। वहीं राप्ती की लहरें सत्यदेव, सूर्य प्रकाश, सोमेश, सुभाष, मुकुट बिहारी, जयजय राम, रघुवर दयाल, श्रीनिवास, कृष्ण गोपाल, रामनरेश, शोभा, सतेश्वर प्रसाद, खड़ग सिंह, मनीष, रक्षाराम, रघुवर, रामअभिलाख, रामशबद आदि के करीब 100 बीघा खेत नदी में समा चुके है।
क्षेत्र में वीरपुर के निकट डिकवा घाट का अस्थाई पुल भी नदी में समा गया। इससे क्षेत्र वासियों को नदी पार करने में दिक्कत हो रही है। कटान के चलते दहशत में आए ग्रामीण अपनी गृहस्थी समेटने में लग गए हैं। उधर उप जिलाधिकारी भिनगा सत्य प्रकाश वर्मा का कहना है कि नदी के जलस्तर व कटान पर निगाह रखी जा रही है। अभी स्थिति नियंत्रण में है।