महाराजगंज घटना में मृतक युवक के पिता कैलाशनाथ मिश्रा। -संवाद
कहा, सरकार ने घर, पैसा व स्वास्थ्य कार्ड भी दिया राहगीरों से पुलिसकर्मी कर रहे अभद्रता, बढ़ रहा आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। महराजगंज हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा के पिता कैलाश नाथ ने योगी सरकार से संतुष्ट होने की बात कही है। उन्होंने शनिवार को अपने घर पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हैं, बस जिस तरह से मेरे बच्चे को मारा गया है उसी तरह से आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। इस बीच गांव जाने वाले रास्तों पर शनिवार को भी पुलिस का कड़ा पहरा रहा। अगल-बगल के रास्तों से भी निकलने वालों से पुलिस अभद्रता कर रही है। इससे एक बार फिर पुलिस के प्रति गुस्सा बढ़ रहा है।
रेहुआ मंसूर गांव में मीडिया से बात करते हुए कैलाश नाथ ने कहा कि योगीजी से हम मिले थे। उन्होंने हमारी बहुत मदद की है। हमको घर बनाने के लिए पैसा दिया है। स्वास्थ्य कार्ड दिया है। नकद रुपया भी दिया है। बेटी को नौकरी देने की बात कही है। ऐसे में योगी सरकार से हम संतुष्ट हैं। लेकिन जिस तरह से हमारे बेटे को मारा गया है वो बहुत ही गलत हुआ। इससे पहले शुक्रवार को कैलाश नाथ ने दोषियों पर कार्रवाई न होने पर परिवार सहित आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी, जबकि पत्नी व अन्य परिजनों ने भी पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर अंसतुष्टि जताई थी।
महिलाओं, बुजुर्गें, बच्चों से भी अभद्रता
रेहुआ मंसूर गांव की तरफ जो रास्ता गया है उसी से कई अन्य गांव व बहराइच शहर की तरफ भी लोग जाते हैं। लेकिन शनिवार को यहां पुलिस का पहरा रहा। महिला, बच्चे व बुजुर्ग जो भी यहां से गुजरा पुलिस ने उन्हें धमकाया। आईडी मांगी, न देने पर गाली भी दी गई।
पुलिस बोली- डीएम का आदेश, डीएम बोलीं कोई आदेश नहीं दिया
राहगीरों को जांच के नाम पर परेशान करने वाले पुलिसकर्मियों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि डीएम के आदेश पर रास्ता रोका गया है। इस पर डीएम मोनिका रानी से बात की गई तो उन्होंने इससे इन्कार किया।
मैंने नहीं दिया कोई आदेश
किसी भी राहगीर को सड़क पर चलते समय बेवजह रोकने व उसकी जांच का कोई आदेश मेरे स्तर से नहीं दिया गया है। यदि कोई पुलिसकर्मी इस तरह का काम कर लोगों को परेशान कर रहा है तो यह गलत है। इस बारे में कप्तान से बात की जाएगी। -मोनिका रानी, डीएम