भूमि विवादों के निस्तारण को गति देने के लिए प्रशासन अब राजस्व मित्रों का सहयोग लेगा। इसके लिए ग्राम पंचायतवार दो से तीन राजस्व मित्रों की तैनाती होगी। ये राजस्व मित्र जमीनी विवादों के निस्तारण में अधिकारियों का सहयोग करेंगे। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित भी कराया जाएगा।
राजस्व मित्र के लिए आवेदक को गणित से हाईस्कूल उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। वे अपने प्रार्थना पत्र संबंधित उप जिलाधिकारी कार्यालय में 15 जुलाई तक जमा कर सकते हैं।
यह जानकारी देते हुए जिलाधिकारी राघवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि जिले में बड़े पैमाने पर भूमि पैमाइश से संबंधित छोटे छोटे विवाद लंबित हैं। जबकि इनके निस्तारण के लिए अक्सर तहसील व थाना दिवसों में शिकायतें आती रहती हैं। राजस्व प्रशासन द्वारा तमाम प्रयास के बाद भी भूमि पैमाइश संबंधित विवादों का निस्तारण त्वरित गति पर नहीं हो पा रहा है।
ऐसे मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए अब ग्राम पंचायत स्तर पर राजस्व मित्रों की तैनाती की जाएगी। जिनके द्वारा भूमि की पैमाइश, राजस्व अभिलेखों की समझ ग्रामीणों में विकसित करने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए एक प्रशिक्षित काडर तैयार कराया जाएगा। जिससे आपसी सहमति की स्थितियों में विवादों का सुगमता से निस्तारण कराया जा सके।
यह राजस्व मित्र तहसील व जिला स्तरीय कार्यशाला में प्रशिक्षित कराए जाएंगे। जिनके द्वारा आवश्यकता पड़ने पर लेखपाल के साथ पैमाइश कार्य में सहयोग दिया जाएगा। इससे भूमि विवादों के निस्तारण में विभाग को सहूलियत मिलेगी।