तराई में मौसम के तेवर बुधवार सुबह अचानक नरम हो गए। बदली और तेज हवा के बीच झमाझम बारिश हुई। इससे गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को राहत तो मिली लेकिन जगह-जगह जलभराव के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। घसियारीपुरा कॉलोनी तालाब बन गई है। लोगों के घरों में घुटनों भर पानी घुस गया है।
जिला अस्पताल व अन्य स्थानों पर भी जलभराव के चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तराई में सप्ताह भर से लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। उमस और चिपचिपाहट भरी गर्मी ने बेहाल कर रखा था। स्थिति यह रही कि कूलर, पंखा और एसी भी काम नहीं कर पा रहे थे।
बुधवार को फिर सूरज की चमक के साथ सुबह हुई लेकिन नौ बजे से तराई में बादल मंडराने लगे। तेज हवा चली। 11 बजे के आसपास झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे तराई का तापमान तो लुढ़का ही लोगों को भीषण गर्मी से निजात भी मिली। वर्षा का दौर दोपहर बाद तीन बजे तक रुक-रुक कर जारी रहा।
इसके चलते जिला अस्पताल, पानी टंकी-हुजूरपुर मार्ग, टीबी क्लीनिक, पुलिस लाइन के निकट व बड़ीहाट, बख्शीपुरा नईबस्ती, घसियारीपुरा में जलभराव की स्थिति बन गई। लोग घुटनों भर पानी से होकर गुजरने को मजबूर रहे। घसियारीपुरा मोहल्ले में तो स्थिति काफी दयनीय हो गई है। मोहल्ला पूरी तरह तालाब बन गया है।
लोगों के घरों में डेढ़ से दो फीट पानी घुस गया है। इससे घर के अंदर रखे सामान तो भीग ही गए, जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। यही स्थिति कस्बे व ग्रामीण अंचलों की भी रही। बाबागंज, रुपईडीहा, महसी, मिहींपुरवा, नानपारा, कैसरगंज, फखरपुर, हुजूरपुर व उर्रा में भी जगह-जगह जलभराव के चलते लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ी।