बहराइच। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बुधवार को रिसिया और पयागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान रिसिया और पयागपुर में 450 जेएसवाई भुगतान लंबित मिला। इस पर सीएमओ ने एक हफ्ते में सभी भुगतान कराकर रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए। साथ सीएचसी में बने मुख्यमंत्री सुपोषण घर में बच्चों को खाना उपलब्ध कराने और शौचालय की बेहतर व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव बुधवार को अचानक रिसिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां मौजूद संसाधनों की जानकारी ली। अस्पताल में सफाई, दवा उपलब्धता की जानकारी ली। सीएचसी में बने सुपोषण घर का जायजा लिया। शौचालय को स्वच्छ रखने के निर्देश दिए। इस बीच दो सौ महिलाओं का जेएसवाई भुगतान लंबित मिला। इस पर नाराजगी जताते हुए सभी का भुगतान कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद सीएमओ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पयागपुर पहुंचे। वहां बेड, दवा उपलब्धता, कोरोना जांच, कर्मचारियों की उपस्थिति जांची। इस दौरान प्रसूताओं का जेएसवाई भुगतान लंबित मिला। 250 महिलाओं के खाते में योजना का 1400 रुपया नहीं भेजा गया। इस पर सीएमओ ने कहा कि गांव में जाकर महिलाओं के खाते खुलवाएं। सभी के खाते में रुपये भेेजें। सभी महिलाओं के खाते में रुपये भेजकर इसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजें।
सीएमओ ने कहा कि सीएचसी में बने मुख्यमंत्री सुपोषण घर में कुपोषित बच्चों को भर्ती करें। उन्हें भोजन, फल भी उपलब्ध कराएं। साथ ही आशा बहुओं को प्रति माह चार से पांच हजार रुपये भुगतान करने की रिपोर्ट भेजने की बात कही। इस दौरान अधीक्षक रिसिया डॉ. अतुल श्रीवास्तव, पयागपुर डॉ. संदीप मिश्रा, बीपीएम अनुपम शुक्ला समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।