पांच सौ व हजार के नोट बंद होने के एक माह बाद भी जिले में कैश की किल्लत खत्म नहीं हो रही। कैश के लिए रोज मारामारी हो रही है। शुक्रवार को बैंकों में कम कैश पहुंचने के चलते पर्याप्त भुगतान नहीं मिलने से लोग भड़क उठे। नवाबगंज, महसी, नानपारा, रिसिया और फखरपुर में नाराज ग्राहकों ने नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
इससे रिसिया में आसाम रोड पर डेढ़ घंटे जाम लगा रहा। दर्जनों वाहन जाम में फंसे। उधर एटीएम पर भी कतारे लगीं रही। जिले की ग्रामीण क्षेत्र की बैंक शाखाओं को सप्ताह भर बाद शुक्रवार को कैश मिला तो लेकिन मांग के सापेक्ष काफी कम। इससे भुगतान सामान्य नहीं हो पाया। शुक्रवार सुबह नौ बजे से लोग बैंक के सामने एकत्र हो गए।
जैतापुर में सुबह 10 बजे शाखा प्रबंधक बैंक खोलकर कैश का वितरण शुरू किया। किसी ने 10 हजार तो किसी ने 20 हजार के भुगतान लेने का फार्म भरा। कैश काउंटर पहुंचने पर पता चला कि बैंक को महज चार लाख रुपये ही मिले हैं। ऐसे में ग्राहकों को हजार, पांच सौ रुपये का ही भुगतान हो सकेगा। जरूरत भर का भुगतान नहीं मिल पाने से लोग भड़क उठे।
दोपहर 12 बजे के आसपास कैश खत्म होने की बैंक कर्मियों ने सूचना दी तो लोगों ने नारेबाजी व प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत किया। उधर नवाबगंज और रिसिया मोड़ के इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में भी यही स्थिति रही। गुस्साए लोगों ने नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।
नानपारा में गल्लामंडी के निकट स्थित इलाहाबाद बैंक में भी कैश की किल्लत के चलते सड़क पर लोग जमा रहे। पुलिस को जाम हटवाने में पसीना छूट गया। फखरपुर, हुजूरपुर, पयागपुर, विशेश्वरगंज की बैंकों में भी तीन से चार लाख रुपये ही पहुंचे। इससे कुछ लोगों को ही पैसा मिला। तमाम लोग नाराज होकर बैरंग लौट गए।