सीमा से सटे नवाबगंज क्षेत्र के शिवनगरा गांव निवासी एक ग्रामीण ने ईद के मौके पर सोमवार को धर्म परिवर्तन कर गांव स्थित ईदगाह में नमाज पढ़ी। इसके बाद उसका निकाह मंगलवार को मुस्लिम लड़की से होना था। देर शाम क्षेत्र में धर्म परिवर्तन की खबर फैली तो लोग भड़क उठे और ग्रामीणों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। जिससे तनाव की स्थिति बन गई।
पुलिस ने धर्म परिवर्तन करने वाले युवक और उसके पुत्र समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद व 15 अज्ञात पर धर्म परिवर्तन तथा शांतिभंग का केस दर्ज कर सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात की गई है।
नवाबगंज थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत शिवपुर सेमरा के मजरा शिवनगरा निवासी बृजमोहन का विवाह एक नेपाली युवती से अरसा पूर्व हुआ था। उससे बृजमोहन की दो संतानें हैं। इनमें 21 वर्षीय पुत्री व 18 वर्षीय पुत्र अजय गुप्ता शामिल हैं। कुछ दिनों पहले बृजमोहन की पत्नी घर-परिवार छोड़कर चली गई। तब से बृजमोहन अपने बड़े भाई जगमोहन उर्फ जमाल अहमद के साथ रहकर खाता-पीता था।
बृजमोहन को एकाकीपन काफी अखर रहा था। साथ ही पट्टीदार भी उपेक्षित कर रहे थे। जिससे उसने भी गुपचुप तरीके से मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लिया। मुस्लिम धर्म स्वीकार करने के बाद सोमवार को पहली बार बृजमोहन गांव स्थित दरगाह पीर बितनी शरीफ पहुंचा और वहां पर उसने नमाज पढ़ी।
यह जानकारी जब गांव के लोगों को हुई तो वे भौचक रह गए। बृजमोहन के बड़े भाई सुंदरलाल गुप्ता की अगुवाई में गांव के लोग आक्रोशित हो उठे और नारेबाजी कर प्रदर्शन करते हुए धर्म परिवर्तन का विरोध किया। सूचना पुलिस को मिली तो ईद के मौके पर धर्म परिवर्तन का मामला देख पुलिस भी सकते में आ गई।
थानाध्यक्ष सूरज प्रसाद की अगुवाई में गांव पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझा कर शांत किया। थानाध्यक्ष का कहना है कि बृजमोहन द्वारा धर्म परिवर्तन कर नमाज पढ़ने का मामला सामने आया है। बृजमोहन ने इस बात को स्वीकार किया है।
इस मामले में बृजमोहन, उसके पुत्र अजय गुप्ता व गांव निवासी ननकऊ, इरफान तथा हुसैनी व 15 अज्ञात के खिलाफ धारा 295 तथा 151 के तहत उकसाकर धर्म परिवर्तन करवाने तथा शांतिभंग की आशंका में केस दर्ज कर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आरोपी अजय फरार है। थानाध्यक्ष ने बताया कि ग्रामीणों के मुताबिक बृजमोहन का निकाह मंगलवार को गांव निवासी युवती से तय हुआ था। फिलहाल मामला शांत है। गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
बृजमोहन ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि उसने उपेक्षा के चलते धर्म परिवर्तन किया है। बृजमोहन ने बताया कि उसके पिता ने अपने समाज के बजाए विश्वकर्मा समाज में शादी की थी। जिसके चलते समाज के लोग परिवार को उपेक्षित करते थे। इसी के चलते बड़ा भाई जगमोहन 20 वर्ष पूर्व धर्म परिवर्तन कर जमाल अहमद बन गया था। उसी उपेक्षा से तंग आकर धर्म परिवर्तन करना पड़ा।
भाई के धर्म परिवर्तन से आक्रोशित सुंदरलाल गुप्ता ने कहा कि दोनों भाई मुसलमान हैं, कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन भतीजे अजय को मुस्लिम धर्म नहीं अपनाने देंगे।
धर्म परिवर्तन की घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है। लोग दहशत में हैं। गांव की गलियां सूनी पड़ी हैं। पुलिस या अधिकारियों की जीप पहुुंचने पर लोग बात करने से कतरा रहे हैं।