कैसरगंज (बहराइच)। तहसील अधिवक्ता संघ की अगुवाई में एसडीएम के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दूसरे दिन शुक्रवार को भी तहसील के वकीलों ने नेशनल हाईवे को जामकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान हाईवे पर काफी देर तक जाम की स्थित बनीं रही। वकीलों ने चेतावनी दी कि जब तक एसडीएम का स्थानांतरण नहीं हो जाता है, आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
तहसील कैसरगंज के वकील एसडीएम आलोक प्रसाद द्वारा लगातार किए जा रहे अभद्र व्यवहार से गुस्से में हैं। वकील 74 दिनों से एसडीएम के कोर्ट का बहिष्कार कर आंदोलित हैं। सभी एसडीएम को हटाए जाने की मांग करते हुए लगातार धरना प्रदर्शन कर रहें हैं। जिला प्रशासन की चुप्पी से मामला तूल पकड़ता जा रहा है। तहसील के वकीलों ने अब अपने आंदोलन को तेज करते हुए लखनऊ-बहराइच नेशनल हाईवे को जामकर प्रदर्शन करना शुरू दिया है।
शुक्रवार को भी वकीलों ने तहसील अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बृजेश प्रसाद मिश्रा की अगुवाई में पुरानी तहसील से निकलकर नवीन तहसील परिसर का चक्कर लगाते हुए मुख्य बाजार से हनुमान मंदिर होते हुए वापस तहसील के बाहर सड़क पर बैठकर एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
वकीलों का आरोप है कि एसडीएम तहसील के वकीलों से अमर्यादित आचरण व गलत भाषा का प्रयोग कर रहें हैं। वकीलों ने चेतावनी दी कि जब तक प्रशासन की ओर से एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका स्थानांतरण नहीं किया जाता है, सभी नेशनल हाईवे जामकर धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। जाम से सड़क पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, वकील जाम में फंसी एंबुलेंस को लगातार रास्ता देकर निकालते रहे। वकीलों के आंदोलन के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती रही। करीब एक घंटे तक चले धरना प्रदर्शन के बाद वकीलों ने धरने का समाप्त किया।
धरने के दौरान महामंत्री ज्ञान बाबू, पूर्व अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, वेदप्रकाश सिंह, विजय प्रताप सिंह, नसीब अहमद खान, राजकिशोर यादव, मनोज कुमार सिंह, दयाराम यादव, विनोद सिंंह बिसेन, देशराज पाल, योगेश मिश्रा, शिवम सिंह बिसेन, सूर्यभान सिंह्र, विजय प्रताप सिंह, राजकिशोर यादव आदि मौजूद रहे।