बहराइच। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट में धरना दिया। कर्मचारियों ने नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन की बहाली की मांग उठायी। कर्मचारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई न होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी।
कलेक्ट्रेट के धरनास्थल पर कर्मचारियों की सभा आयोजित हुई। संगठन के अध्यक्ष चंद्रप्रताप ने कहा कि पुरानी पेंशन सहित अन्य मांगों को पूरा करने के लिए कर्मचारी एकबार फिर से आंदोलन के लिए तैयार हैं। सरकार ने आने से पहले नेताओं द्वारा वादेे किए गए थे, लेकिन इसको पूरा नहीं किया गया।
पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, पेंशन विसंगतियों को दूर करने, केंद्र के समान मकान किराया भत्ता देने, फील्ड कर्मचारियों को बाइक भत्ता प्रदान करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा समेत अन्य मांगों को लेकर अब कर्मचारी आंदोलनरत हो चुके हैं।
परिषद के जिला मंत्री आरके वर्मा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी पेंशन को छीन रही है। जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अंतिम सांस तक लड़ने के लिए हम सभी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय मिश्रा ने कहा कि पेंशन कर्मचारी का मूल अधिकार है।
अगर अब सरकार नहीं चेती तो प्रदेश के सभी जनपदों में कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा। संरक्षक आरसी चौधरी की अगुवाई में नगर मजिस्ट्रेट जयप्रकाश को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान नीरज वर्मा, पीके सिंह, विमला मिश्रा, पवन कुमार, हरिश्चंद्र वर्मा, जयराज सिंह, गोपाल सरोज सिंह, कमलेंदु कुमार, वीके द्विवेदी, नरेंद्र मिश्रा, अतीकउल्ला, मंशाराम यादव आदि मौजूद रहे।