बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में गुजरने वाली रेल लाइन पर ट्रेनों को बंद किए जाने के आदेश के बाद अब क्षेत्र के लोगों को बसों का ही सहारा रहेगा। हालांकि रेलवे ने अभी तक ट्रेन बंद करने की तिथि नहीं निर्धारित की है। वहीं, परिवहन निगम के अधिकारी ट्रेनें बंद होने की घोषणा के पहले ही बसें बढ़ाए जाने का प्रस्ताव बनाकर भेजने की बात कह रहे हैं।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के संरक्षित वन क्षेत्र में करीब आठ रेलवे स्टेशन नानपारा से बिछिया के बीच पड़ते हैं। यहां से प्रतिदिन एक हजार से अधिक रेल यात्री सफर करते हैं। मगर अब ट्रेनों को बंद किए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है। ऐसे में यात्रियों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। महज 20 से 25 रुपये में तय होने वाला सफर 150 रुपये से कम में पूरा नहीं हो सकेगा। ट्रेनों का संचालन बंद होने से करीब 10 लाख आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।
रोडवेज की ओर से अभी तक नानपारा से मिहींपुरवा के बीच दो ही रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। प्राइवेट बसें अधिकतर चलती हैं। मगर इन बसों का किराया भी काफी अधिक होता है। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रभाकर मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि रेलवे की ओर से अभी तक ट्रेनों को बंद किए जाने की समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
रेलवे की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की भी जानकारी मिली है। अगर ट्रेनें बंद होती हैं तो परिवहन निगम यात्रियों की सुविधाओं के लिए बसों को बढ़ाए जाने का प्रस्ताव निदेशालय को भेजेगा। किसी भी दशा में जनता को मुश्किलों का सामना नहीं करने दिया जाएगा। बेहतर परिवहन सेवाएं देना हम सभी की कटिबद्धता है।