बहराइच। अधिकारियों व कर्मचारियों के पीएफ घोटाले के विरोध में सोमवार को कर्मियों ने अस्पताल चौराहा स्थित अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने दो दिवसीय कार्य बहिष्कार की घोषणा करते हुये घोटाले में प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाया। इस मामले में नेताओं ने मुख्यमंत्री सेे पीएफ की धनराशि की सुरक्षा को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की अगुवाई में जिले के अभियंता, कर्मचारी व संविद ाकर्मी पीएफ घोटाले के विरोध में अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर एकत्रित हुए। यहां सभी ने समिति के संयोजक इंजीनियर हर्षराज रस्तोगी की अगुवाई में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
धरने को संबोधित करते हुए समिति के संयोजक इंजीनियर रस्तोगी ने कहा कि बिजली कर्मियों के भविष्य निधि के करोड़ों रुपये अवैध तरीके से एक निजी कंपनी में लगाकर कर्मियों के करीब 2267 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद भी सरकार ने अभी तक कोई कोई गंभीर कदम नहीं उठाया है।
एसडीओ नगर इंजीनियर शिवम नायक ने कहा कि घोटाले का खुलासा होने के बाद से ही बिजली अधिकारी व कर्मचारी आंदोलित हैं। लेकिन सरकार मामले में गंभीर नही दिखाई दे रही है। धरने को अधीक्षण अभियंता इंजीनियर एएस रघुवंशी, एक्सईएन इंजीनियर रमेश सिंह, इंजीनियर मुकेश बाबू, फैयाज शब्बर, कृष्ण कुमार, नंदलाल, बिजली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुशील गोस्वामी, मंडल अध्यक्ष नफीस अहमद, जयनंदन मिश्रा, राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ईशा सिद्दीकी आदि ने संबोधित कर पीएफ घोटाले आक्रोश जताते हुये सरकार से पीएफ की धनराशि के भुगतान व सुरक्षा को लेकर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की।
धरने के दौरान विभाग के अलावा विभिन्न ट्रेड यूनियन के पदाधिकारियों ने भी धरना में पहुंचकर समर्थन देते हुये आंदोलन को तेज करने में सहयोग करने का आश्वासन दिया। धरनाका संचालन करते हुये जयराज राजपूत ने बताया कि 19 को भी सभी कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर इंजीनियर योगेंद्र यादव, शैलेंद्र मिश्रा, अर्णव कश्यप, नइमुद्दीन, कर्मचारी संघ के अयोध्या प्रसाद, अवध कुमार यादव, जितेंद्र मौर्या, राजपाल सिंह, इरशाद अहमद, दिनेश कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे।