श्रावस्ती। जिले में विद्युत कर्मियों की हड़ताल को असफल बनाने व अबाध विद्युत आपूर्ति देने के प्रशासन के दावे की हवा निकल चुकी है। जिले में बारह में से आठ उपकेंद्रों की आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी है। अस्पताल में ऑक्सीजन तो घरों मे लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। लगातार आपूर्ति बाधित होने के कारण जहां लोगों के मोबाइल बंद हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में लगे मोबाइल टावर भी ठप हो गए हैं। वहीं नगरीय क्षेत्रों में लगे एटीएम भी बंद हो गए हैं। जिससे लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। वहीं प्रशासन समस्या से निपटने के लिए स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहा है। वहीं विद्युत कर्मी आर या पार की लड़ाई का मन बना कर धरने पर डटे हुए हैं। वहीं, उपकेंद्र संचालन के लिए भेजे गए पॉलिटेक्निक व आईटीआई के छात्र सहित पूर्व सैनिक मूक दर्शक बने हुए हैं। इसके चलते करीब एक लाख उपभोक्ता व आठ लाख की आबादी पूरी तरह से प्रभावित है।
विद्युत उपकेंद्र भिनगा में बिजली निगम के कर्मचारियों सहित संविदा व आउटसोर्सिंग से तैनात विद्युत कर्मी शनिवार को भी धरने पर डटे रहे। उनका दावा है कि वह अपना अधिकार लेकर रहेंगे। भले ही इसके लिए उन्हें जेल जाना पड़े। इसके लिए वह पूरी तरह से तैयार हैं।
धरने के दौरान सहादत अली ने कहा कि प्रदेश सरकार से तीन दिसंबर को हुए समझौते के बाद सरकार ने उसे लागू न कर हाथ पीछे खींच लिया। हम जान जोखिम में डाल कर मौसम की परवाह किए बगैर दिन रात अबाध विद्युत आपूर्ति देते हैं। इसके बावजूद सरकार हमें संसाधन न देकर ठेकेदारों व अपने चहेतों को मालामाल करने में जुटी हुई है। सरकार बिजली निगम की कई इकाईयों को निजी हाथें में सौंपने की तैयारी कर रही है। जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अरविंद कुमार पाठक ने कहा कि सरकार बिजली कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति जरा भी गंभीर नहीं है।
यही कारण है कि सरकार बीच का रास्ता न तलाश कर हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। हमारी मांग न पूरी कर हमें बर्खास्त करने व सेवा समाप्त करने की धमकी दी जा रही है। जिससे विद्युत कर्मी डरने वाले नहीं है। जरूरत पड़ी तो हम अपने हक के लिए जेल जाने से भी पीछे नहीं रहेंगे। धरने को नानबाबू, सत्यनारायण साहू ने भी संबोधित किया। इस दौरान विद्युत कर्मियों ने अपनी मांग के समर्थन में सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी भी किया। इस मौके पर जिले भर के विद्युत कर्मी मौजूद रहे।
संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा की विद्युत आपूर्ति भी ठप है। जिससे यहां लगा ऑक्सीजन प्लांट बंद है। अस्पताल में नवजात शिशुओं को सिलेंडर से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। वहीं बिजली के अभाव में अल्ट्रासाउंड व एक्सरे सहित अन्य जांच बंद पड़ी है। वहीं अस्पताल का जेनरेटर न चलने के कारण वार्डों में अंधेरा छाया हुआ है। यहां अल्ट्रासाउंड व एक्सरे सहित अन्य जांच के लिए आने वाले मरीजों को धरना समाप्त होने क बाद आने की बात कह लौटाया जा रहा है। जिससे मरीज व तीमारदार परेशान हैं।
जिले में विगत दो दिनों से लगातार विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण जहां ग्रामीण क्षेत्रों में लगे विभिन्न मोबाइल कंपनियों के टावर बंद हैं। वहीं आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों के सेल फोन भी बंद हो चुके हैं। ऐसे में लोग चाह कर भी अपनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। जिससे लोगों में बिजली निगम के कर्मचारियों सहित शासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है।
जिले में विद्युत कर्मियों के कारण बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। ऐसे में बिजली के सहारे चलने वाले लगभग सभी एटीएम बंद हैं। जिससे पैसे के लिए यहां आने वाले लोगों को परेशान देखा जा रहा है। एटीएम व नेट बैंकिंग के सहारे काम करने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई है। मोबाइल व एटीएम बंद होने के कारण लोगों को उधार लेकर काम चलाना पड़ रहा है।
जिले में मुख्यालय भिनगा, आईपीडीएस भिनगा, लक्ष्मनपुर बाजार, भंगहा, घोलिया, गिलौला, लक्ष्मननगर व उल्लहवा विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति पूरी तरह से बंद है। मात्र इकौना, कटरा, सीताद्वार व आईपीडीएस इकौना उपकेंद्र ही संचालित हो रहा है। जिसके ज्यादातर फीडर बंद पड़े हैं। वहीं उपकेंद्रों को की आपूर्ति बहाल रखने के लिए तैनात किए गए पूर्व सैनिक व आईटीआई तथा पॉलिटेक्निक के प्रशिक्षित छात्र इसका संचालन नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में इनकी तैनाती खाना पूर्ति बनी हुई है।
सिरसिया के 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र घोलिया को भिनगा के 132 केवीए उपकेंद्र से विद्युत आपूर्ति दी जाती है। घोलिया के इनकमिंग लाइन पर भिनगा जंगल में अंटा तिराहे के निकट पेड़ गिर जाने से उपकेंद्र की इनकमिंग लाईन भी बंद हो गई है। हड़ताल के कारण पेड़ न हटाए जाने से स्थिति सामान्य होने के घंटों बाद तक सिरसिया क्षेत्र के उपभोक्ताओं को आपूर्ति बहाल होने का इंतजार करना होगा।
विद्युत कर्मियों की हड़ताल के कारण नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। आपूर्ति बाधित होने के कारण जहां ओवरहेड टैंकों से जलापूर्ति ठप है। वहीं लोगों के घरों में लगे सबमर्सिबल भी बंद पड़े हैं।
प्रयास है कि सभी क्षेत्रों की आपूर्ति सामान्य करा दी जाए। इसके लिए सीडीओ व एडीएम के साथ बैठक हुई है। मैं स्वयं आपूर्ति सामान्य कराने के लिए प्रयासरत हूं। संभव है कि कुछ क्षेत्रों की आपूर्ति शाम तक बहाल हो जाए।
- डीपी सिंह, अधिशाषी अभियंता, विद्युत