बहराइच। तराई में कड़ाके की ठंड से बिजली की खपत पर भी असर पड़ रहा है। आम दिनों की अपेक्षा अब रोजाना 35 मेगावाट बिजली की खपत बढ़ गई है। अगर ऐसे ही मौसम आगे भी बना रहा तो बिजली की खपत 35 से बढ़कर 75 से 80 मेगावाट तक हो जाएगी। हीटर व ब्लोवर ज्यादा चलने से बिजली की खपत में बढ़ोत्तरी मानी जा रही है। फिलहाल खपत बढ़ने से पावर कॉरपोरेशन को कोई परेशानी नहीं है।
तराई में दिन-प्रतिदिन पारा गिरता जा रहा है। कड़ाके की ठंड से लोग परेशान हैं। गरीब लोग तो अलाव जलाकर ठंड दूर कर रहे हैं, जबकि मध्यम व उच्च वर्ग के साथ ही कार्यालयों में कर्मचारी आदि लोग ब्लोवर, हीटर व अन्य विद्युत उपकरणों का प्रयोग कर रहे हैं। विद्युत उपकरणों के बढ़ते प्रयोग ने जिले की विद्युत आपूर्ति पर खासा असर डाला है।
अभियंताओं की मानें तो दिसंबर माह के सापेक्ष लगातार जनवरी माह में बिजली की खपत 35 प्रतिशत तक बढ़ गई है। अभियंताओं का कहना है कि मौजूदा समय जिले में बिजली की खपत बढ़कर 160 मेगावाट तक पहुंच गई है। जबकि आम दिनों में जिले में बिजली की खपत 125-130 मेगावाट तक होती है। अगर ठंड व शीतलहर का प्रकोप इसी तरह जारी रहा तो बिजली की खपत बढ़कर 200 से 230 मेगावाट तक हो जाएगी। विद्युत पारेषण खंड के एक्सईएन फैयाज शब्बर ने बताया कि पीक समय में अधिक बिजली की खपत रहती है। हालांकि खपत बढ़ने से कोई दिक्कत नहीं है।