बहराइच। सर्दी का कहर दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। मंगलवार दिन की शुरुआत घने कोहरे से हुई और 10 बजे तक जिले में धुंध छाई रही। शहर में प्रदूषण का ग्राफ भी बढ़ा है। इससे नगर में भी सुबह घना कोहरा देखने को मिला। मंगलवार को नगर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 134 मापा गया जो मध्यम प्रदूषण बता रहा है। इस कोहरे से किसानों को तो लाभ है लेकिन ठंड से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
सुबह से ही घने कोहरे के कारण जिले के प्रमुख मार्गों पर दृश्यता पांच मीटर से भी कम रही। इससे सड़क पर वाहन रेंगते नजर आए जबकि सुबह बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। ठंड के चलते लोग अलाव पर हाथ सेंकते रहे। सुबह 10 बजे के बाद हल्की धूप दिखी। इससे सर्दी से लोगों की राहत मिली लेकिन बहराइच शहर में सुबह प्रदूषण के कारण कोहरा ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा घना था।
गेहूं को फायदा, सरसों-आलू को नुकसान
गेहूं के बोआई को 40 से 50 दिन पूरे हो चुके है। किसान सिंचाई करने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में यह मौसम गेहूं की फसल के लिए अनुकूल है लेकिन किसानों को खरपतवार से बचाव की व्यवस्था कर लेनी चाहिए। इस मौसम के कारण सरसों व आलू की फसल को नुकसान हो रहा है। धरसवां निवासी किसान रामधीरज, अजीत, नगरौर निवासी राजू, नरेश आदि ने बताया कि कोहरे से गेहूं का प्रसार तेजी से हो रहा है।
सुबह कोहरा दिन में धूप, बढ़े बाल रोगी
तराई में मौसम परिवर्तन का दौर लगातार जारी है। रात व सुबह के समय जहां सर्द हवाओं के साथ घना कोहरा गिर रहा है तो वहीं, दोपहर के समय धूप निकल रही है। इसका सीधा असर बाल रोगियों पर देखने को मिल रहा है। बच्चों की सर्दी, खांसी, निमोनिया की समस्या बढ़ रही है। मंगलवार को बाल रोग विभाग की ओपीडी में लगभग 140 बच्चे इलाज को पहुंचे। वहीं चिल्ड्रन वार्ड में 20 तो पीआईसीयू में 10 बच्चे भर्ती रहे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद शुक्ला ने बताया कि सर्दी, जुकाम व निमोनिया से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है। अभिभावकों को बच्चों को फुल स्वेटर पहना के रखना चाहिए। साथ ही उन्हें हवा में रखने से बचना चाहिए। बच्चों को कोई भी समस्या होने पर तत्काल चिकित्सकों को दिखाएं, झोलाछाप से दवा लेने से बचें।