पयागपुर(बहराइच)। सरकार द्वारा जारी नए फरमान से मदरसा संचालकों मे हड़कंप मच गया है। मुख्य सचिव ने गत 26 जून को प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर नए निर्देश दिए हैं। जिसमें कहा गया है कि सभी सरकारी वित्तपोषित मदरसों में प्रवेशित बच्चों का भौतिक सत्यापन कर गैर मुस्लिम बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में नामांकित कराया जाय। वहीं, गैर पंजीकृत मदरसों का भी सत्यापन कर दर्ज बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाय।
ऐसे में पयागपुर तहसील क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्रों के मदरसा संचालकों में बेचैनी देखी जा सकती है। जिले में बिना मान्यता के कुल 495 मदरसा संचालित हो रहे हैं। जबकि 301 मदरसों को मान्यता मिली है। वहीं, पयागपुर तहसील क्षेत्र में संचालित 43 मदरसों में से सिर्फ 13 ही पंजीकृत मदरसे हैं। ऐसे में शेष 30 गैर पंजीकृत मदरसों में अब ताले ही लटकते नजर आएंगे।
पहले हुई जांच में कई मदरसे सिर्फ कागजों पर संचालित मिले। वहीं, 43 मदरसों में दर्ज बच्चे 22 मदरसों व अन्य सरकारी मान्यता या परिषदीय विद्यालयों में भी दर्ज पाए गए थे। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। ऐसे में सरकार के इस नए फरमान से मदरसा संचालकों में खलबली मच गई है।
इस संबंध में अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि नए आदेश के तहत कार्य करने के लिए जिलाधिकारी द्वारा जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। जिसमें सभी उपजिलाधिकारी, बीएसए व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की समिति बनाई गई है। यह टीम आदेश का क्रियान्वयन सुनिश्चित कर अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगी।