नवाबगंज (बहराइच)। शासन की ओर से ग्रामीणों को उनके घर के पास ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए जिले में 51 पीएचसी का संचालन किया जा रहा है। जिम्मेदारोंं की लापरवाही के चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज की स्थिति बदहाल है। आलम यह है कि पीएचसी की दीवारें कई जगहों से दरक गईं हैं। कुर्सियां टूटी पड़ी हैं। महज एक डॉक्टर और एक फार्मासिस्ट के भरोसे मरीजों का इलाज किया जाता है। पैथोलॉजी व एक्सरे की सुविधा नहीं है। मरीजों को मजबूरन बाहर ज्यादा शुल्क देकर जांच करानी पड़ती है।
यही नहीं, गर्मी से निजात दिलाने के लिए पंखा भी खराब पड़े हैं और वार्ड में जमा कूड़ा संक्रामक बीमारियों को न्यौता दे रहा है। पीएचसी में
न पानी न शौचालय
पीएचसी में सुविधा के नाम पर सिर्फ ओपीडी चलती है और दवाएं मिलती हैं। यहां पंखा, शौचालय व पानी की सुविधा नहीं है। जिम्मेदारों को ध्यान देना चाहिए।
- शंभू अग्रवाल, मरीज
इंजेक्शन के लिए करना पड़ता है इंतजार
इलाज करवाने आए थे। चिकित्सक ने जांच के बाद दवाएं लिख दीं। साथ ही इंजेक्शन लगवाने के लिए कहा, लेकिन इंजेक्शन लगवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
- महिरूला, मरीज, मल्हीपुर
डॉक्टर अवकाश पर
नवाबगंज निवासी नईमुद्दीन ने बताया कि अस्पताल की कुर्सी टूटी हुई है और बैठने में दिक्कत होती है। वहीं, शाबिर अली ने बताया कि इलाज के लिए आए थे, डाॅक्टर अवकाश पर हैं और वापस लौटना पड़ रहा है। सायमा ने बताया कि दवा उपलब्ध है, लेकिन डाॅक्टर की कमी है।
पीएचसी में पैथोलाॅजी व एक्सरे की सुविधा के लिए कई बार पत्राचार किया गया। सात साल से रंगाई-पुताई नहीं हुई है। सभी समस्याओं के निराकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- डॉ. मुकीम अहमद, पीएचसी प्रभारी