बहराइच शहर में चिलचिलाती धूप में गुजरते लोग।
बहराइच। तराई वासियों पर नौतपा का कहर लगातार जारी है। तापमान 40 डिग्री पहुंच गया है। इससे लोग बेहाल हैं। आलम यह है कि उमस के चलते दोपहर के समय जरूरी होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। दिन में बाजारों में सन्नाटा पसर जा रहा है। गर्मी के बचाव के लिए नारियल पानी, गन्ने व फलों के जूस की मांग बढ़ गई है। वहीं, उमस के चलते किसानों के धान की नर्सरी प्रभावित है।
तराई में बीते सप्ताह मौसम खुशनुमा रहा था और बारिश के चलते लोगोंं को उमस भरी गर्मी से राहत मिली थी। वहीं तापमान 34 व 35 डिग्री पहुंच गया था। लेकिन नौतपा की शुरुआत के साथ ही तराई का तापमान बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार सुबह ही कड़क धूप ने तराई में दस्तक दी। हालांकि, दोपहर होते-होते आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हुई, लेकिन उमस से कोई राहत नहीं मिली और तराई का अधिकतम तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया।
वहीं, नौतपा की उमस के चलते दोपहर के समय लोगोंं को 44 डिग्री की गर्मी का अहसास हुआ। उमस के चलते दोपहर के समय बाजार सूने रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। शाम के समय लोग घरोंं से बाहर निकले। तराई में बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री दर्ज किया गया।
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धान की नर्सरी हो रही प्रभावित
नौतपा के असर के चलते धान की नर्सरी भी प्रभावित हो रही है। जिन किसानों ने नर्सरी डाल दी है, उसके सूखने का डर सताने लगा है। वहीं अधिकांश किसानोंं ने अभी नर्सरी डाली ही नहीं है। धरसवां निवासी किसान ननके, प्रह्लाद, कुंआरे आदि ने बताया कि वर्तमान समय में उमस इतनी ज्यादा है कि कुछ ही देर में पानी गर्म हो जाता है। ऐसे में अगर नर्सरी डाली गई तो पानी के गर्म होने से वह गल जाएगी और जमाव कम होगा। इसलिए हम सभी मौसम ठंडा होने का इंतजार कर रहे हैं।