रेल बजट को लेकर लोगों में चर्चा होने लगी है। रेल बजट 25 फरवरी को पेश हो रहा है। बहराइच में रेल बजट को लेकर लोगों में उम्मीदें इसलिए भी हैं क्योंकि अब भी यहां पिछली घोषणाएं पूरी नहीं हो पाईं हैं। रेल बजट से आमान परिवर्तन की योजना को पूरी होने और आदर्श रेलवे स्टेशन बनने से सुविधाओं में बढ़ोतरी होने की आस लोग लगाए हुए है।
ट्रेन में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा की भी दरकरार है। रेलकर्मी भी बेहतर बजट की आस में हैं। हालांकि बहराइच के लिए आमान परिवर्तन की योजना डेढ़ दशक से फाइलों में बंद है। पिछली बार बजट का प्राविधान होने के बाद भी बजट नहीं मिला। छोटी रेल लाइन से ही लोगों को संतोष करना पड़ा।
बदहाली दूर करने की दरकार
बहराइच रेलवे स्टेशन को रेलवे ने बी श्रेणी का दर्जा दिया हुआ है। यहां रोज हजारों यात्री स्टेशनों से सफर करते हैं। यहां बैठने के लिए सिर्फ पांच बेंच हैं। जबकि प्लेटफॉर्म नंबर दो पर तीन ही बेंच है। बाकी यात्री जमीन व पेड़ों के घेरों में बैठकर ट्रेन के इंतजार को मजबूर रहते हैं।
रेलवे स्टेशन से रोज आठ जोड़ी पैसेंजर व एक जोड़ी गोकुल एक्सप्रेस ट्रेन चलती है। करीब दो हजार से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। ट्रेनों में बिजली व प्रसाधन की समुचित व्यवस्था नहीं है। तीन टिकट खिड़की है। मंगलवार को दोपहर 1.30 बजे के करीब गोंडा-बहराइच और मैलानी-गोंडा ट्रेन के पहुंचने के बाद भी यहां पर महज एक टिकट खिड़की खुली हुई थी।
शुरू हो काम, मिलें सुविधाएं
शहर के दरगाह शरीफ निवासी बशीर अहमद कहते हैं, आमान परिवर्तन की योजना के लिए बजट मिले तो काम शुरू हो जाएगा। आदर्श रेलवे स्टेशन बनने से सुविधाएं मिलने लगेंगी। भिनगा निवासी सादिक अख्तर को रिश्तेदारी में नानपारा जाना था। लेकिन महज एक टिकट काउंटर से दिक्कत हुई।
उम्मीद है नए रेल काउंटर खोले जाएं। महिलाओं के लिए अलग काउंटर होना चाहिए। फखरपुर निवासी जगदीश और चिलवरिया निवासी अहमद हसन ने कहा कि रात में बिजली की भी समस्या दूर हो जाए तो लोगों को सुरक्षा भी मिलेगी। बहराइच रेलवे स्टेशन के वाणिज्य अधिकारी अबनेर बरला ने बताया कि आमान परिवर्तन का काम चल रहा है।
इसलिए नए निर्माण कार्यों पर फिलहाल रोक है। संभावना है कि मई से काम शुरू होगा। सुविधाएं बढ़ाने को ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने भी सुविधाओं के लिए बजट की उम्मीद की।