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सभी धर्म के लोगों ने मिलकर रखी है हिंदुस्तान की नींव

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बहराइच में रविवार को नगर पालिका मैदान में आयोजित अमन-ए-एकता कांफ्रेंस में मौजूद धर्म गुरू व समाज? - फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। इस मुल्क में मोहब्बत है, नफरत नहीं। मुल्क को बनाने में सभी धर्मों के लोगों ने मिल जुलकर कोशिश की है। मगर आज कुछ लोग इसी हिंदुस्तान को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। हिंदुस्तान तमाम धर्मों का संगम है। यह बातें धर्मगुरु मौलाना मतीनुलहक उसामा ने कही। नगरपालिका मैदान में जमीयत उलमा के तत्वावधान में अमन व एकता कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न धर्मों के लोग शामिल हुए।
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धर्मगुरु मतीनुलहक ने कहा कि मुल्क धमकियों से नहीं कानून से चलेगा। जमीयल उलमा मुल्क की शांति के लिए हर समय लड़ाई लड़ने को तैयार है। मौलाना डॉ. मोहम्मद असजद कासमी ने कहा कि ऊपर वाले ने इंसान को सबसे अच्छा बनाया है। बस हमें अच्छाई नहीं छोड़नी चाहिए। कांफ्रेंस में सिद्धनाथ मंदिर के महंत महामंडलेश्वर रवि गिरि महाराज ने संस्कृत के श्लोक से अपनी बात शुरू की।
उन्होंने कहा कि सभी धर्म मोहब्बत की तालीम देते हैं। हम लोग आपस में मोहब्बत व भाईचारे के साथ जिंदगी गुजारें। एक-दूसरे के दुख दर्द में शामिल रहें। इसी सेे देश खुशहाल बन सकता है।
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मौलाना सैयद मोहम्मद मेहदी रिजवी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने अंदर मिलनसार व्यक्तित्व पैदा करना होगा। बौद्ध धर्म गुरु भंते देनेंद्र ने कहा कि बुद्ध का संदेश रहम दिली और अच्छा व्यवहार का था। किसी भी तरह के हालात आएं, मगर हमको इनसे डगमगाना नहीं चाहिए।
इसाई धर्म के संजय भोसले ने कहा कि बाइबिल भी प्यार, मोहब्बत और भाई चारगी का संदेश देती है। कांफ्रेंस को मौलाना जफर कमाल मजाहरी, फादर डेंस डिसूजा, दरगाह कमेटी के अध्यक्ष सैयद शमशाद अहमद, पूर्व चेयरमैन हाजी रेहान खान, मौलाना इश्तियाक अहमद कासमी, मौलाना कारी जुबेर कासमी ने भी संबोधित किया।
इस दौरान मुफ्ती हारिश अब्दुल रहीम फारूकी, मोहम्मद अशरफ कासमी, कारी मुजीबउल्लाह, सैयद अख्तर नूरी, मौलाना इनायत उल्ला कासमी, अमीर अहमद कासमी, इकरामुद्दीन, मोहम्मद सईद, अशफाक, हाजी रईस, शुएब अहमद, अखलाक अहमद, तेजे खां, नूर अहमद आदि मौजूद रहे।
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