श्रावस्ती। मानसून के समय पर आने के अलर्ट के बावजूद जिम्मेदार राप्ती नदी में आने वाली बाढ़ से बचाव के इंतजामों को लेकर उदासीन बने हैं। बाढ़ की विभीषिका को रोकने की तैयारियां कागजों पर ही तेजी पकड़े दिख रही है। हालांकि सिंचाई विभाग के अफसर जून के मध्य तक तटबंध सुरक्षा के कार्य पूरा करने का दावा है जबकि हकीकत में अभी तक अति संवेदनशील स्थानों पर कार्य कराने की टेंडर प्रक्रिया तक पूरी नहीं हुई है।
हर साल राप्ती नदी में आने वाली बाढ़ से जिले की साठ फीसदी आबादी सीधे तौर पर प्रभावित होती है। जमुनहा व इकौना के अधिकांश क्षेत्र बाढ़ के पानी में डूब जाते हैं। इससे बचाने के लिए जिले में चार बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी। इसमें ग्राम गांधी के समीप हथियाकुंडा पहाड़ी नाला पर काजवे निर्माण, डगमरा हथियाकुंडा पर कटाव निरोधी कार्य के लिए 1.34 करोड़ की राशि भी स्वीकृत हुई थी।
राप्ती नदी के बाएं तट पर स्थित परसा डेहरिया, तिलकपुर, सीमांत तटबंध के समीप 1.90 करोड़ से तटबंध सुरक्षा कार्य, राप्ती नदी के बाएं तट पर परसा डेहरिया तिलकपुर सीमांत तटबंध का सुरक्षा कार्य पर 2.62 करोड़ से खजुहा झुनझुनिया अंधरपुरवा तटबंध व सीमांत बांध पर मरम्मत कार्य कराने का बजट मिला था। काम काज की सुस्त रफ्तार के कारण योजना से जुड़े सभी कार्यों के 15 जून की तय समयावधि तक पूरा करना बड़ी चुनौती है।
25 मई से शुरू हुई टेंडर प्रक्रिया
मानसून आने का समय नजदीक आने के बावजूद विभागीय अफसर बाढ़ की विभीषिका को रोकने से जुड़े कार्यों में तेजी न दिखा कर शिथिलता बरत रहे हैं। इसके चलते ही टेंडर निकालने की प्रक्रिया भी काफी देरी के साथ बीती 25 मई से शुरू हुई है।
इसके तहत जिले में मधवापुर पुल के अपस्ट्रीम में लूप कटिंग कार्य 20 लाख, केन नाले के दाएं तट पर भयापुरवा के समीप कटबंद करने के लिए दस लाख, खजुहा झुनझुनिया अंधरपुरवा तटबंध पर रामगढ़ी के समीचा तटबंध के निर्माण के लिए 25.59 लाख रुपये तो ग्राम मझौवा के निकट क्रॉस ड्रेनेज के लिए 33 लाख रुपये का टेंडर निकाला गया है। ऐसे में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने में ही जून माह का अधिकांश समय बीत जाएगा।
बीते साल की तबाही के बाद भी नहीं चेते
विगत वर्ष आई बाढ़ की चपेट में आकर इकौना के खरगौरा गणेश , डिंगुराजोत, मझौवा सुमाल, दहावर कला, लालपुर खदरा, हजरियां, भोजपुर, शिवाजोत, अंधरपुरवा, रामनगर, जगरावलगढ़ी, इमलिया, कोटवा, मलौना खसियारी सहित कई गांव गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे। जमुनहा में राप्ती बैराज से मोहनपुर, भरथा, बरंगा, हसनापुर, कथरा, सलारू पुरवा, वीरपुर लौकिहा, मधवापुर पुल होते हुए शिकारी चौड़ा, जोगिया, भलुहिया, पिपरहवा, लक्ष्मणपुर सेमराहनिया, दुर्गापुर नसीरगंज के बीच बाढ की स्थिति भयावह थी। यहां बांध बनाने के लिए ग्रामीणों ने मांग रखी थी।
बाढ़ से निपटने से जुड़े कार्यों को पूरी प्राथमिकता पर तय समयावधि में ही पूरा कराने का निर्देश है। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई मिलने पर जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई होगी। जिले में आपदा से बचाव की तैयारियां को समय रहते पूरा करा लिया जाएगा।
नेहा प्रकाश, जिलाधिकारी