तुलसीपुर। ग्रामीणों को गांव में ही सरकारी योजनाओं और राजस्व संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन की ओर से लाखों रुपये खर्च कर पंचायत भवन (ग्राम सचिवालय) बनवाए गए हैं। पंचायत भवनों के संचालन के लिए पंचायत सहायक की नियुक्ति की गई है और उन्हें हर महीने 6000 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। सरकार इसे बढ़ाकर 9000 रुपये करने की तैयारी में है। यही, नहीं पंचायत भवनों में इंटरनेट, कंप्यूटर, इंवर्टर, बैठने के लिए कुर्सी आदि की भी व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों को उनके गांव में ही राजस्व व ऑनलाइन सुविधाएं मिल सके इसके लिए सचिव, प्रधान के साथ-साथ लेखपालों को भी पंचायत भवन में बैठने का निर्देश है। इसके बाद आला हुक्मरानों की नजरंदाजी के चलते सरकार की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। जिले के कुछ पंचायत भवन जहां ताले में रह रहे हैं तो वहीं कुछ देखरेख के अभाव में गंदगी का ढेर बनते जा रहे हैं।
भवन में माैजूद मिलीं पंचायत सहायक
गिलौला विकास क्षेत्र की ग्राम पंचायत रामपुर कोडरी का पंचायत भवन पड़ताल के दौरान खुला मिला। भवन में पंचायत सहायक माया देवी मौजूद मिलीं। साथ ही गंदगी भी फैली हुई मिली। इस संबंध में पंचायत सहायक माया देवी ने बताया कि सचिव कभी-कभी आते हैं। लेखपाल के संबंध में उन्होंने बताया कि लेखपाल निर्धारित दिन के अनुसार शुक्रवार को आते हैं। साफ-सफाई करवाई जाएगी।
अकारा में लटकता मिला ताला
ग्राम पंचायत आकारा में बना पंचायत भवन पड़ताल के दौरान ताले में कैद मिला। पंचायत भवन के आसपास गंदगी दिखी। गांव निवासी मंगनू और चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि सचिव पंचायत भवन में नहीं आते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आलम ये है कि उन सभी को सचिव की जानकारी ही नहीं है। पंचायत सहायक आती रहती हैं और लेखपाल बुधवार को आते हैं।
पंचायत भवन में किसी के न आने का आरोप
ग्राम पंचायत चौंगोई में बने पंचायत भवन की पड़ताल के दौरान ताला लटकता मिला। भवन के सामने रहने वाले गुड़ई व राजेश कुमार ने बताया कि अधिकतर यहां ताला ही लटकता रहता है। कोई भी कर्मी यहां नहीं आता है। सुबह के समय सिर्फ सफाई कर्मी आता है और सफाई करके चला जाता है। ऑनलाइन काम के लिए हमें सीएससी व ब्लॉक की दौड़ लगानी पड़ती है।
टीम भेजकर पंचायत भवनों के संचालन संबंधी जांच करवाई जाएगी। साथ ही पंचायत भवन बंद रहने व सचिव के मौजूद न रहने के संबंध में उनके स्पष्टीकरण लिया जाएगा। संतुष्टि न मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वीरेंद्र प्रताप सिंह, बीडीओ गिलौला
पंचायत भवन
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