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बहराइच: मेडिकल कॉलेज में बेडों तक पहुंची ऑक्सीजन

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बहराइच। महाराजा सुहेलदेव स्वायत्तशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय व इससे संबद्ध जिला चिकित्सालय के सभी विभागों में मरीजों को 24 घंटे बेड-टू-बेड ऑक्सीजन आपूर्ति की जाने लगी है। ये सुविधा पाइपलाइन के माध्यम से दी जाएगी। ऑक्सीजन की अधिक आवश्यकता होने पर ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। इसके लिए लगभग दस लाख रुपए की लागत से लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण कराया जाएगा ताकि मरीजों को आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सके। इतना ही नहीं प्लांट में लगे डिस्पेंसर से ऑक्सीजन सिलेंडरों को भी भर कर विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर इसकी आपूर्ति की जा सके। अभी तक मरीजों को ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ने पर सिलेंडरों को भरने के लिए बाहर भेजा जाता था। डिस्पेंस से अब यहीं ऑक्सीजन भरी जा सकेगी।कोरोना संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन की अधिक आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल कॉलेज परिसर में दो ऑक्सीजन प्लाटों की स्थापना कराई गई थी।
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एक की क्षमता 950 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) व दूसरे की 450 एलपीएम है। ऑक्सीजन सिलेंडरों को भरने के बाद उन्हें वार्डों तक पहुंचाया जा रहा था, लेकिन इसमें काफी अव्यवस्थाएं सामने आ रही थीं। सिलेंडर लाने व ले जाने में कठिनाई व मरीजों को तत्काल आवश्यकता पड़ने पर ऑक्सीजन सिलेंडर न मिलने से उनकी जान पर खतरा बना हुआ था। इस समस्या को दूर कर लिया गया है। अब आपातकालीन वार्ड के साथ ही बाल रोग विभाग, एमसीएच विंग, अस्थि रोग विभाग, सर्जरी विभाग, पीआईसीयू समेत मेडिकल कॉलेज व जिला चिकित्सालय के सभी वार्डों में मरीजों को बेड-टू-बेड ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। दिनोंदिन बढ़ती मरीजों की संख्या को देेते हुए अब लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट की भी स्थापना कराई जाएगी। इसके लिए शासन की ओर से बजट भी जारी कर दिया गया है। प्लांट की क्षमता में विस्तार होने से मेडिकल कॉलेज व जिला चिकित्सालय में बेड-टू-बेड ऑक्सीजन आपूर्ति लगातार 24 घंटे तक की जा सकेगी। इसके साथ ही ऑक्सीजन सिलेंडरों को भर कर विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर भी उपलब्ध कराया जा सकेगा।

शासन की ओर से मेडिकल कॉलेज में पांच ऑक्सीजन प्लांंट लगाने की स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसी के तहत चरणबद्ध तरीके से ऑक्सीजन प्लांटों का निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि वर्तमान समय में उत्पादित ऑक्सीजन का महज 30 फीसदी की आवश्यकता मरीजों को पड़ रही है। नए ऑक्सीजन प्लांट लगने से भविष्य में कोरोना या अन्य किसी महामारी के समय मरीजों को ऑक्सीजन की कमी का सामना न करना पड़े। इसके लिए अभी से ही प्रयास किए जा रहे हैं।
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बेड टू बेड ऑक्सीजन आपूर्ति किए जाने की सुविधा शुरू होने से गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों को काफी राहत मिलेगी। वार्डों में तैनात चिकित्सा कर्मियों द्वारा 24 घंटे मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे गंभीर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
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डॉ.संजय खत्री, प्राचार्य।
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