कैसरगंज के बरखुरद्वारापुर चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान जमा भीड़, बाधित आवागमन।
कैसरगंज। गोड़हिया नंबर एक के मजरा गोडियनपुरवा निवासी कुलदीप की मौत के बाद रविवार देर शाम ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद शव बरखुरद्वारापुर चौराहे पर लाया गया तो सैकड़ों ग्रामीण जुट गए। परिजनों ने युवक की पानी में डूबने से मौत की बात मानने से इन्कार करते हुए हत्या का आरोप लगाया। इसके बाद बहराइच-लखनऊ हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। हाईवे जाम होने से वाहनों की कतार लग गई। पुलिस ने एक घंटे की मशक्कत के बाद लोगों को हाईवे से हटाकर जाम खुलवाया।
गोड़हिया नंबर-1 के मजरा गोड़ियनपुरवा निवासी कुलदीप (20) शुक्रवार सुबह खेत देखने की बात कहकर घर से निकले थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने तलाश शुरू की। पुलिस के साथ एनडीआरएफ और वन विभाग की टीमों ने भी खोजबीन की। शनिवार देर शाम कुलदीप का शव नदी से खोज निकाला गया। पोस्टमार्टम के बाद रविवार देर शाम शव गांव के निकट बरखुरद्वारापुर चौराहे पर पहुंचा तो ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा।
हत्या का आरोप लगाते हुए सैकड़ों ग्रामीणों और परिजनों ने चौराहे पर लखनऊ-बहराइच नेशनल हाईवे जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। शाम 6:30 बजे से 7:30 बजे तक एक घंटे तक यातायात बाधित रहने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना पर सीओ धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव और थानाध्यक्ष राजकुमार पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को स्थानीय लोगों के सहयोग से समझा कर शांत किया। सीओ ने भरोसा दिलाया कि घटना की जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर गांव रवाना हुए। करीब एक घंटे बाद हाईवे पर यातायात बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली।