फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कवि सम्मेलन का आयोजन

Sat, 18 Mar 2017 11:55 PM IST
अमर उजाला/बहराइच
विज्ञापन
काव्य पाठ करते कवि - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में शनिवार को होली मिलन एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर होली पर्व की बधाई दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष संतराम सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी सदर नागेंद्र कुमार रहे। मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के बाद कवि सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। 
विज्ञापन


शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र में स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में वीर सावरकर होली समिति माधवपुरी की ओर से आयोजित होली मिलन व अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का संचालन कर रहे कवि संतोष सिंह ने पढ़ा - जब से आशाराम ई जानिन राधे मां अइहैं जेल मां, हंसिके बोले जेलैम रहिबै का रक्खा है बेल मां। इलाहाबाद के कवि डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी ने पढ़ा - द्रुपद सुताओ अस्त्र गहो ये कलियुग है, लाखो दु:शासन बौराए बैठे हैं।

कवि डॉ. अशोक पांडेय गुलशन ने पढ़ा - तुम्हें जब भी जरूरत हो बिना पूछे चले आना, हमारे गांव के घर में कभी ताले नहीं लगते। कवयित्री प्रतिभा मिश्रा ने पढ़ा - भूल हो जाए जो मुझसे तो माफ कीजिएगा, कोशिश है भूल से कोई भूल न करूंगी। कवि पीके प्रचंड ने पढ़ा - इरादे क्या हैं उनके सदा भांप जाते हैं, सियासत का गिरा स्तर देखकर कांप जाते हैं। कवि सूर्यविक्रम सिंह ने पढ़ा - लिपटे हैं जिनसे सभी स्वार्थ भरे नाग, शीतलता देते खुद झेल रहे हैं आग।
विज्ञापन


कवि अतुल अवस्थी अतुल ने पढ़ा - अभी समय है मतदाताओं का सम्मान मिटाओ न, अरे बुआजी पप्पू-बबुआ को अपने समझाओ न। कवि विमलेश जायसवाल ने पढ़ा - भितरघातियों को काट-काट कर धरा पाट दी जाएगी, भारत माता को डायन कहने वालों जीभ काट ली जाएगी। कवि गुलाबचंद्र जायसवाल ने पढ़ा - कांग्रेस-बसपा व सपा का ईवीएम पर फूटा गुस्सा, मांग रहे हैं जांच बोलकर होली में केसरिया रंग सब घोल रहे हैं होली में।

रामसूरत वर्मा जलज ने पढ़ा - मोदी अपने काम से बने अर्चना छंद, पर उनको दिखते नहीं जिनकी आंखें बंद। कवि आशुतोष श्रीवास्तव ने भी काव्य पाठ किया। समापन मौके पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आयोजक समिति के ओमप्रकाश सक्सेना ने भी काव्य पाठ कर वाहवाही लूटी। इस मौके पर प्रबंधक श्रीनाथ शुक्ला, जिलाध्यक्ष श्रावस्ती महाराज कुंवर त्रिपाठी, रामसूरत त्रिपाठी, प्रधानाचार्य अशोक शुक्ल आदि मौजूद रहे। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें