श्रावस्ती में जांच करते मंत्री
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सोहेलवा के जंगलों में कुछ दिन पूर्व हुई अवैध कटान की जांच शनिवार को वन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी ने की। इस दौरान उन्होंने लकड़ी बरामद स्थल व जंगल के बूटों का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने दो रेंजर व एक एसडीओ के निलंबन का आदेश दिया। साथ ही डीएफओ बलरामपुर के विरुद्ध जांच का आदेश वन संरक्षक को दिया है। बरामद लकड़ी की कीमत 13 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
सिरसिया क्षेत्र के मसहाकला गांव में दो मार्च को 1385 बोटा खैर की लकड़ी पुलिस व एसएसबी की संयुक्त टीम ने पकड़ी थी। यह लकड़ी सोहेलवा के जंगल से काटी गई थी। इस मामले की जांच के लिए शनिवार को दोपहर राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जल संपूर्ति, भूमि विकास एवं जल संसाधन, परती भूमि विकास वन एवं पर्यावरण, जंतु उद्यान एवं उद्यान उपेंद्र तिवारी जिले में पहुंचे। उनके द्वारा सबसे पहले लकड़ी बरामद स्थल मसहा कला का दौरा किया गया। यहां जिस बाग से लकड़ी बरामद की गई थी, उसका भी निरीक्षण किया। इसके साथ ही सोहेलवा पश्चिमी रेंज के जंगल में कई जगह उन्होंने निरीक्षण किया।
इस दौरान अवैध कटान मानते हुए रेंजर सोहेलवा पश्चिमी घनश्याम राय, रेंजर सोहेलवा पूर्वी आरएन मौर्य व एसडीओ अरुण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश कटान स्थल से ही प्रमुख सचिव वन को दिया है।
इसके साथ ही डीएफओ बलरामपुर केएस गौतम के विरुद्ध भी जांच करने का निर्देश वन संरक्षक को दिया है। इस मामले में राज्यमंत्री ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच पांच सदस्यीय टीम करेगी। जंगलों में अवैध कटान व भ्रष्टाचार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि अवैध कटान प्रकरण में अन्य किसी की भी संलिप्तता पाई जाएगी तो उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।