तराई में बदल रहे मौसम से संक्रामक रोगों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती बुखार के 24 रोगियों का परीक्षण किया गया तो नौ रोगी दिमागी बुखार के पॉजिटिव मिले हैं। एक रोगी की बुधवार सुबह मौत हो गई। भारी संख्या में रोगियों के पॉजिटिव मिलने से अस्पताल में हड़कंप की स्थिति है।
विशेष वार्ड स्थापित कर दिया गया है। प्रतिदिन औसतन चार रोगी जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। बरसात के बाद होने वाली तेज धूप दिमागी बुखार के प्रसार का सबब बन गई है। बीते सप्ताह भर से तेज बुखार के साथ झटका आने की शिकायत वाले रोगियों का जिला अस्पताल पहुंचना शुरू हुआ है।
जिला अस्पताल में भर्ती 24 रोगियों को तेज बुखार के साथ झटके आने की शिकायत होने पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने सभी का ब्लड टेस्ट करवाया तो नौ रोगी दिमागी बुखार के पॉजिटिव पाए गए हैं। बुधवार को दोपहर बाद में रिपोर्ट मिलने पर भारी संख्या में दिमागी बुखार के रोगियों की पुष्टि हुई तो हड़कंप मच गया।
आनन फानन में बर्न वार्ड में विशेष वार्ड स्थापित किया गया है। जिसमें दिमागी बुखार के गंभीर रोगियों को भर्ती किया जाएगा। दिमागी बुखार से पीड़ित रुपईडीहा के आंबा पोखर निवासी अफजल (1.5) पुत्र अकबर अली की इलाज के दौरान बुधवार सुबह मौत हो गई। तीन नये रोगी भर्ती हुए हैं।
इनमें नानपारा बलदीरामपुरवा निवासी सचिन कुमार (13), रकाबगंज पयागपुर निवासी सुंदरू (7) और नेपाल के बांके जिला निवासी मंजरी (5) शामिल हैं। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि जेई से निपटने के लिए अस्पताल तैयार है।