नवाबगंज क्षेत्र में गुरुवार को दिमागी बुखार से पीड़ित एक और छात्रा की मौत हो गई। वहीं जिला अस्पताल में गुरुवार को बुखार से पीड़ित छह और मरीज भर्ती हुए हैं। पहले से भर्ती रोगियों की हालत बिगड़ने पर अब तक 12 मरीजों का ब्लड सैंपल जांच के लिए लिया गया है।
तराई में दिमागी बुखार से अब तक तीन लोगों की मौतें हो चुकी हैं। गुरुवार दोपहर में नवाबगंज के उमरिया नंदा गांव निवासी गुरुसेन वर्मा की छह वर्षीय बेटी अंशिका क्षेत्र में स्थित मांटेसरी स्कूल से पढ़कर घर लौटी थी। उसे तेज बुखार और सिर में दर्द था। झटके भी आ रहे थे।
इस पर परिवारीजन छात्रा को लेकर चिकित्सक के पास भागे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। उधर गुरुवार को बुखार से पीड़ित भेटिया हुजूरपुर निवासी मयस्सरुन (10), रानीपुर निजामपुर निवासी सुनीता (12), नवाबगंज निवासी शिवानी (8), नानपारा निवासी शालिनी (7), सरयू नहर कॉलोनी की मुस्कान (4) व महरीपुर इकौना की मुस्कान यादव (8) को भर्ती किया गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि अब तक 12 मरीजों के ब्लड सैंपल लिए जा चुके हैं। जांच के बाद सही तरीके से बुखार के मामले में कुछ कहा जा सकता है। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा का कहना है कि इस बार दिमागी बुखार नये स्वरूप में सामने आ रहा है।