महसी (बहराइच)। रामगांव थाना के एक गांव निवासी महिला का आरोप है बहन की नाबालिग बेटी को छह माह पहले दूसरे समुदाय के पांच लोग ले गए और धर्म परिवर्तन करा दिया। पीड़िता के बयान कोर्ट में होने से रोकते हुए घर में घुसकर मारपीट की। कोर्ट को बताया पुलिस में कोई सुनवाई नहीं हुई। आदेश पर हरदी पुलिस ने आरोपियों पर छेड़खानी, जान से मारने की धमकी, रास्ता रोकना, एससीएसटी एक्ट समेत अन्य धारा में केस दर्ज किया।
रामगांव थाना के एक गांव निवासी महिला की हरदी थाना पर दर्ज एफआईआर के मुताबिक छह माह पहले उनकी बहन की नाबालिग बेटी को पिपरीमोहन गांव निवासी पांच लोग पकड़ ले गए थे और धर्म परिवर्तन करा दिया था। उक्त मामले में हरदी थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी जमानत पर बाहर आ गए और मुकदमा बयान पर लगा हुआ है। आरोप है आरोपी पिछली दो पेशी से किशोरी को बयान देने के लिए नहीं जाने देते है। गाड़ाबंदी कर जान से मारने की फिराक में है। पांच सितंबर को वे खुद कोर्ट गई थी दहशत के चलते पीड़िता को साथ नहीं ले गई थी। देर शाम गांव वापस लौटने पर पिपरी मोहन गांव निवासी बऊरा, अलीम, मोहितद्दीन, सद्दाम, अनीश, अमीन, शरीफ, सलीम, शाहिद अली, सिराज, अंसार, इलियास, पुतानी और उनकी पत्नी, मुबारक, मझिला, राजू, इद्दू, नूरजहां बेगम, शहनाज, मुस्तफा, असगर और 15 अज्ञात व्यक्ति समेत कुल 37 लोग तलवार, छूरा और लाठी-डंडा लेकर घर में घुस आए।
इसके बाद उन्हें व पीड़िता को मारा। पीड़िता को जातिसूचक गालियां देते हुए बयान के लिए जाने पर जान से मारने की धमकी दी। गांव निवासी लोगों ने उक्त लोगों का वीडियो बना लिया। घटना का वीडियो पुलिस को दिखाते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट की फटकार के बाद हरदी पुलिस ने सभी आरोपियों पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। हरदी थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी ने बताया मामले की जांच सीओ महसी डीके श्रीवास्तव कर रहे है। फिलहाल किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।