चित्तौरा के महाराज सुहेलदेव स्मारक स्थल से पर्यटकों को वापस करती पुलिस।
बहराइच। चित्तौरा झील के तट पर बने महाराजा सुहेलदेव स्मारक का लोकार्पण मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। वहीं बुधवार को इस गौरव पूर्ण स्मारक को देखने के लिए आए पर्यटकों को पुलिस ने गेट से ही भगा दिया। कुछ महिलाओं का आरोप है कि वह गेट के अंदर चली गई थीं, जहां से चौकी प्रभारी ने उन्हें बाहर भगा दिया। स्मारक के गेट पर पूरे दिन ताला लटका रहा।
महाराजा सुहेलदेव के गौरव गाथा के प्रतीक के रूप में बने स्मारक को आम लोगों ऐ सुपुर्द करते हुए मुख्यमंत्री ने हर्ष व्यक्त किया। इसी के बाद इसे को देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ बुधवार को चित्तौरा डील के तट पर उमड़ पड़ी। हर कोई इस पावन भूमि को नमन करना चाहता था। लेकिन सभी के हाथ निराशा ही लगी। इस स्मारक का गेट बुधवार पूरे दिन बंद रहा। कुछ देर के लिए एक छोटा गेट खुला तो स्मारक स्थल पर कुछ महिलाएं अपने बच्चों को अद्भुत रूप से बने महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा को दिखाने के लिए आ गईं तो उन्हें वहां तैनात चौकी प्रभारी ने तुरंत बाहर निकाल दिया। यही नहीं गेट पर भी सैकड़ों की संख्या में आए पर्यटकों को पुलिस ने लौटा दिया। कुछ पर्यटकों से पुलिस की नोकझोंक भी हुई, लेकिन इसका नतीजा कुछ नहीं निकला।
बिना स्मारक का दीदार किए लौटे गिलौला निवासी मयंक ने बताया कि मंगलवार को हुए उद्घाटन के बाद हम पर्यटन स्थल पर घूमने आए थे, मगर यहां पर्यटन स्थल के मेन गेट पर ताला लटकता मिला, जिसके चलते चिलचिलाती धूप में यहां आना व्यर्थ हो गया। खूंटेहना निवासी अफजल ने बताया कि पर्यटन स्थल के उद्घाटन की सूचना पर चितौरा झील के तट पर बने पर्यटन स्थल को देखने आए थे, जहां ताला लटकता मिला। अंदर जाने के लिए वहां मौजूद गार्ड से कई बार कहा, मगर गेट पर मौजूद गार्ड ने गेट खोलने की अनुमति न होने की बात कहते हुए लौटा दिया। गिलौला निवासी सचिन ने कहा कि वह काफी समय से उद्घाटन का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि तेज गर्मी में काफी समय तक इधर-उधर भटकते रहे कि शायद गेट खुल जाए, लेकिन निराश होकर लौटना पड़ा। वहीं, बहराइच के निवासी पवन कुमार, उदित व सुंदर भी भी पुलिस के इस रवैये से नाराज थे।
इस संबंध में स्मारक के प्रभारी खंड विकास अधिकारी चित्तौरा विजय कुमार सिंह ने बताया कि अभी स्मारक स्थल पर सुरक्षा का इंतजाम नहीं है। इसलिए लोग झील की ओर न जाएं इसके लिए दरवाजा बंद रखा गया है। जल्द ही इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।