बहराइच। दिशा की बैठक में मंगलवार को अधिकारी किसी भी प्रश्न का जवाब नही दे पाए। इससे नाराज समिति को मंडी परिषद के सचिव को हटाने का आदेश तक देना पड़ा। यही हाल अन्य विभागों का भी रहा। बैठक में कई सुझाव भी आए। जिसपर कार्य करना बाकी है।
बैठकों में अधिकारी जनप्रतिनिधियों के प्रश्नों का उत्तर नही दे पा रहे है। ऐसा ही कुछ मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में देखने को मिला। इसकी अध्यक्षता सांसद डाॅ आनंद गोंड कर रहे थे। उन्होंने सबसे पहले मंडी समिति के सचिव से किसानों को मिलने वाली सुविधाओं के साथ कराए जाने वाले कार्य की जानकारी मांगी तो वह कोई भी उत्तर नही दे पाए। इससे नाराज पूरे सदन ने एक मत से सचिव को हटाने का आदेश दिया।
इसके के बाद समिति ने इंडियन बैंक की प्रशिक्षण शाखा आरसेटी से प्रशिक्षणार्थियों की संख्या पूछी। इसपर उन्होंने बताया कि 154 लोगों को अब तक प्रशिक्षण दिया गया है। सदन में मौजूद सदस्यों ने इसकी सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने कहा तो वे उपलब्ध नही करा पाए। यही हाल अन्य विभागों का भी था। उनके विभागाध्यक्ष एक भी सवाल का जवाब नही दे पाए।
इस मौके पर दिशा के सदस्य योगेंद्र मणि त्रिपाठी ने गो आश्रय स्थलों में तकनीकी स्टाफ रखने, मवेशियों का कृत्रिम गर्भाधान कराने के निर्देश दिए। बैठक में बर्दिया, फकीरपुर, रमपुरवा, आंबा व विशनापुर में कक्षा आठ के बाद छात्राओं के लिए कोई स्कूल न होने का मुद्दा भी उठा।
उन्होंने कहा कि यहां से करीब 10 किमी दूर छात्राएं गिरिजापुरी पढ़ने जाती हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा का सवाल है। अधिकांश छात्राएं स्कूल दूर होने के कारण ड्रॉपआउट भी हो जाती हैं इसलिए वहां इंटरमीडिएट स्कूल के निर्माण का प्रस्ताव भेजा जाए। इस मौके पर विधायक सुभाष त्रिपाठी, सुरेश्वर सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
आंदोलन के चलते कलेक्ट्रेट में हुई बैठक
दिशा की बैठक पहले विकास भवन सभागार में आयोजित होती थी वहां पर सोमवार से कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर आंदोलनरत हो गए थे। इसके बाद दिशा की बैठक का स्थल परिवर्तित कर कलेक्ट्रेट सभागार में कर दिया गया। बैठक में बताया कि 2024-25 में कुल 1,28,454 लोगों को वृद्धापेंशन मिल रही थी। जांच के दौरान 2,782 लोगों को अपात्र कर दिया गया। इसमें से कुछ की मौत भी हो चुकी है। इस वर्ष इस योजना के तहत 7,932 लोगो ने आवेदन किया है इसकी जांच चल रही है।