बहराइच। मेडिकल कॉलेज सहित जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों में अब अग्निशमन अधिकारी की तैनाती अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही बड़ी-बड़ी इमारतों, होटलों व मिलों में भी इनकी तैनाती करने के निर्देश दिए गए हैं। यहां तैनात अधिकारी आग की घटना होने पर अग्निशमन टीम के पहुंचने से पहले भवन में लगे फायर सेफ्टी सिस्टम का प्रयोग कर आग पर काबू पाने के साथ ही फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का काम करेंगे। इसके लिए एक नया नियम लागू किया गया है जो एक जनवरी 2025 से लागू कर दिया जाएगा।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि नए नियमों के मुताबिक वर्ष 2025 से 500 से अधिक बैठने वाले सिनेमा घरों, 100 या इससे अधिक कमरों वाले होटलों, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, 500 से अधिक बेड वाले या 5000 वर्ग मीटर से अधिक कवर क्षेत्र वाले अस्पताल आदि में फायर सेफ्टी अधिकारियों की तैनाती अनिवार्य कर दी गई है। उन्होंने बताया कि अग्निशमन तथा आपात सेवा, आय के आदेश पर भवनों में आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रक्रिया व सुरक्षा करने के उद्देश्य से ये कदम उठाया गया है। (संवाद)
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-झांसी के मेडिकल कॉलेज में अग्निकांड के बाद लिया गया निर्णय
बीते दिनों झांसी स्थित मेडिकल कॉलेज में आग लग गई थी जिससे इस हृदय विदारक घटना में कई बच्चों की जान चली गई थी। दोबारा कहीं ऐसी घटना न हो, इसी को लेकर अस्पताल, होटल, मिल संचालक आदि प्रशिक्षित अपनी-अपनी तरफ से अग्निशमन अधिकारी तैनात करेंगे।
गोंड विशाल रामानुज, मुख्य अग्निशमन अधिकारी