श्रावस्ती। गेहूं काटकर जायद व गन्ने की खेती करने वाले किसान पानी के लिए परेशान हैं। वहीं राप्ती बैराज में पानी कम होने से राप्ती सरयू योजक नहर सहित मुख्य सरयू नहर बस्ती शाखा सूखी है। जिनमें उड़ रही रेत किसानों के चेहरों की हवाइयां उड़ा रही हैं। ऐसे में परेशान किसानों की समस्या कब दूर होगी, यह जानकारी देने को कोई तैयार नहीं है।
जिले के ज्यादातर किसान जायद में मेंथा, उड़द, मूंगफली, मक्का व गन्ना आदि की खेती करते हैं। वर्तमान में किसान सरसों व गेहूं काट कर खेत का पलेवा करने की तैयारी कर रहे हैं। जिससे वह अपने खेत में जायद की फसल लगा सकें। तमाम किसान गन्ना बो चुके हैं। जिसकी सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है। वहीं इसके विपरीत जमुनहा क्षेत्र में सरयू योजक नहर व मुख्य सरयू नहर में पानी नहीं है। इसका कारण बैराज से पानी का डिस्चार्ज न किया जाना बताया जा रहा है। वहीं घाघरा से पानी न आने के कारण गिलौला व इकौना क्षेत्र में मुख्य सरयू नहर बस्ती शाखा पूरी तरह से सूख चुकी है। जिसमें अब रेत उड़ रही है। ऐसे में मुख्य नहर में पानी न होने के कारण नहर के रजबहे व माइनर भी सूखे हैं। इससे सोनवा, गिलौला, इकौना व कटरा क्षेत्र अछूता नहीं है। इन नहरों व माइनरों में कब तक पानी आएगा। यह बताने को कोई जिम्मेदार तैयार नहीं है।
बैराज के निकट ही थमी नहर की धारा
जमुनहा स्थित राप्ती बैराज से मुख्य सरयू योजक नहर में पानी छोड़ा जाता है। यहां पानी कम होने की स्थिति में राप्ती मुख्य नहर के सभी आठ तावा बंद है। ऐसे में जिले सहित बलरामपुर, सिद्धार्थनगर व महाराजगंज आदि जिलों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
सरयू मुख्य नहर में नहीं छोड़ा जा रहा
तुलसीपुर। गिलौला के ग्राम तुलसीपुर के मजरा अडराई गांव के पास सरयू मुख्य नहर स्थिति है। जहां से तुलसीपुर व ददौरा रजवाहा निकली है। मुख्य नहर से पानी न छोड़े जाने के कारण यह रजबहे पूरी तरह से सूखे हैं।
क्लोजिंग के कारण नहीं है पानी
इस समय क्लोजिंग का समय है। जिले को घाघरा से पानी मिलता है। इस समय घाघरा से पानी नहीं आ रहा। जिससे यह समस्या है। पानी मिलते ही नहर व रजबहा में पानी भेजा जाएगा। - रामनाथ मौर्या, अवर अभियंता सरयू नहर खंड नानपारा