निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव प्रचार को लेकर आदर्श आचार संहिता जारी करते हुए प्रचार अभियान पर शिकंजा कसा है। बताया कि चुनाव प्रचार के लिए लाउडस्पीकर एवं साउंड बॉक्स का प्रयोग पूर्वानुमति लेकर ही करेंगे और इनका प्रयोग रात्रि 10 बजे से प्रात: 06 तक प्रतिबंधित रहेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी अजय दीप सिंह ने बताया कि सभी राजनीतिक दल, उम्मीदवार व इलेक्शन एजेंट चुनाव प्रचार के दौरान किसी अन्य राजनीतिक दल, उम्मीदवार या उसके समर्थक का पुतला लेकर चलने, उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर जलाने या इस प्रकार के अन्य कृत्य व प्रदर्शन नहीं करेंगे और न हीं इसका समर्थन करेंगे।
उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति के विचार, मत, कृत्य का विरोध उसके निवास के सामने कोई भी प्रदर्शन या धरना करने नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार हेतु किसी व्यक्ति की भूमि, भवन, अहाते व दीवार का उपयोग झंडा लगाने, झंडिया टांगने, बैनर लगाने जैसे कार्य उस व्यक्ति की अनुमति के बिना नहीं करेंगे और न ही अपने चुनाव कार्यकर्ताओं, एजेंट को ऐसा करने देंगे तथा किसी भी शासकीय, सार्वजनिक सम्पत्ति, स्थल, भवन, परिसर में विज्ञापन, वाल राइटिंग नहीं करेंगे।
अन्य उम्मीदवार के पक्ष में आचार संहिता का उल्लंघन कर लगाये गये झंडे या पोस्टरों को स्वयं न हटाकर उन्हें हटाने तथा नियमसंगत कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन से अनुरोध करेंगे तथा चुनाव प्रचार हेतु वाहनों के प्रयोग के लिए जिला प्रशासन से अनुमति प्राप्त करेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि चुनाव प्रचार के लिए लाउडस्पीकर एवं साउंड बॉक्स का प्रयोग पूर्वानुमति लेकर ही करेंगे और इनका प्रयोग रात्रि 10 बजे से प्रात: 06 तक प्रतिबंधित रहेगा।
कोई भी मुद्रक या प्रकाशक या कोई व्यक्ति ऐसी कोई निर्वाचन व प्रचार सामग्री जिसके मुख पृष्ठ पर उसके मुद्रक व प्रकाशक का नाम और पता न हो, मुद्रित या प्रकाशित नहीं करेगा और न ही मुद्रित या प्रकाशित करायेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी अजय दीप सिंह ने बताया कि सभी राजनीतिक दल, उम्मीदवार अथवा उनके प्रतिनिधि निर्वाचन के दौरान ऐसा कोई कार्य लिखकर, बोलकर अथवा किसी प्रतीक के माध्यम से नहीं करेंगे जिससे किसी धर्म (मजहब), सम्प्रदाय, जाति अथवा सामाजिक वर्ग एवं राजनीतिक दल, उम्मीदवार या राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भावना आहत हो।
किसी भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार की आलोचना उनकी नीतियों, कार्यक्रमों, पूर्व के इतिहास व कार्य के सम्बन्ध में ही की जा सकती है। पूजा स्थलों जैसे मन्दिर, मस्जिद, गिरजाघर व गुरूद्वारा आदि का उपयोग निर्वाचन में प्रचार के लिए तथा निर्वाचन संबंधी अन्य कार्यों हेतु नहीं किया जाएगा। सभी राजनीतिक दल व उम्मीदवार ऐसे कार्यों से अलग रहेंगे जो निर्वाचन विधि के अन्तर्गत भ्रष्ट आचरण व अपराध माने गये हैं।