निगम प्रशासन यात्रियों की सुविधा से मोड़े हुए है मुंह
नेपाल सीमा पर स्थित रूपईडीहा बस डिपो का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। भारत-नेपाल सीमा स्थित रूपईडीहा कस्बे में स्थापित अंतरराष्ट्रीय रोडवेज बस स्टेशन पर यात्रियों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। यहां पर यात्रियों के लिए पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं हैं। यात्रियों को भीषण गर्मी में पानी की व्यवस्था को लेकर अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है। प्रतिदिन इस स्टेशन हजारों की संख्या में भारत व नेपाल के यात्रियों का आना-जाना रहता है। यहां से लखनऊ, दिल्ली, जयपुर, अजमेर, कानपुर, बरेली, झांसी आदि जगहों के लिए करीब 22 बसों का भी संचालन होता है। लेकिन इसके बावजूद निगम प्रशासन यात्रियों की सुविधा से मुंह मोड़े हुए है। रूपईडीहा रोडवेज बस स्टेशन का उद्घाटन बीते वर्ष 12 दिसंबर को प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने किया था। उद्घाटन के दौरान परिवहन मंत्री ने यात्रियों की सुविधा को लेकर तमाम घोषणाएं की थीं। लेकिन परिवहन मंत्री की घोषणा धीरे-धीरे हवा हवाई साबित होने लगी है। हालात यह है कि रोडवेज बस अड्डे के उद्घाटन के महज पांच ही बीतने को हैं। यहां पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा तक मुहैया नहीं हो पाई है। मौजूदा समय जिला भीषण गर्मी की चपेट में हैं। ऐसे में पानी की व्यवस्था न होने से यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन परिसर में स्थापित कराई गई पानी की टंकी भी बिजली के भरोसे भरी जाती है। परिसर में लगा नल जर्जर अवस्था में हैं। जिसके चलते नल से पानी की रफ्तार काफी धीमी पड़ जाती है। यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में नेपाल व भारतीय नागरिकों का आना-जाना रहता है। यात्रियों को इस भीषण गर्मी में अपनी प्यास बुझाने के लिए बाहर से खरीदकर पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है। निगम के जिम्मेदार पेयजल जैसी महत्वपूर्ण मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध कराने में उदासीनता बरत रहें हैं।
................................................................
यात्रियों का हो रहा मोहभंग
सीमावर्ती क्षेत्र से काफी संख्या में भारत-नेपाल मैत्री बसों का संचालन हो रहा है। इसके अलावा यहां से दर्जनों की संख्या में अवैध तरीके से टूरिस्ट बसों का भी संचालन हो रहा है। ऐसे में नवनिर्मित रूपईडीहा रोडवेज बस स्टेशन पर यात्रियों के लिए सुविधा न होने के चलते अब यात्रियों का मोहभंग होने लगा है। नेपाली यात्री अब प्राइवेट बसों का सहारा लेने को विवश है। इससे निगम को तो लाखों का चूना लग ही रहा है, साथ में यात्रियों की जेब भी हल्की हो रही है।
...........................
उच्चाधिकारियों को लिखा गया है पत्र
स्टेशन पर पानी की व्यवस्था पानी की टंकी से की जाती है। नल जर्जर होने के चलते पानी काफी कम मात्रा में निकलता है। बिजली की आवाजाही से पानी की टंकी को भरने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है। हालांकि आवश्यकता पड़ने पर जनरेटर का सहारा लिया जाता है। पानी की व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिया गया है।
-आरके तिवारी, कार्यवाहक स्टेशन इंचार्ज
.............................
पेयजल की नहीं है व्यवस्था
रूपईडीहा बस अड्डे पर पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं हैं। गर्मी के मौसम में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। बाहर से पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझाई जाती है।
-दीपक थापा, निवासी सुर्खेत नेपाल
................
नहीं है कोई सुविधा
कहने को तो रूपईडीहा अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा है। लेकिन यहां यात्रियों की व्यवस्था को लेकर काई ठोस कार्ययोजना नहीं हैं। यही कारण है कि अब नेपाली नागरिक बस अड्डा आने से कतराने लगे हैं। -डम्मर बहादुर, निवासी सुर्खेत नेपाल
.........................
निगम प्रशासन को देना होगा ध्यान
यात्रियों की सुविधा को चुस्त दुरूस्त बनाने के लिए निगम प्रशासन को ध्यान देना होगा। जब तक निगम प्रशासन बस अड्डे पर यात्रियों की सुविधाओं को लेकर गंभीर नहीं होगा। तब तक व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं लौटेंगी।
-हरी केसी, निवासी प्यूठान नेपाल
.........................
नहीं सुनी जाती शिकायत
काफी संख्या में नेपाल के कामगार भरतीय क्षेत्र में आते हैं। लेकिन रोडवेज बस अड्डे पर मूलभूत स़ुविधा न होने से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। नेपाली नागरिक होने के चलते बस अड्डे पर शिकायत नहीं सुनी जाती। यही कारण है कि समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
-प्रेम थापा, निवासी प्यूठान नेपाल