फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bahraich News: मेडिकल कॉलेज में बनेगा एनआईसीयू

Mon, 27 Feb 2023 11:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
विज्ञापन
विज्ञापन
बहराइच। जन्म लेते ही गंभीर बीमारियों की चपेट में आने वाले नवजात शिशुओं को मेडिकल कॉलेज में एनआईसीयू (न्यू बॉर्न केयर यूनिट) की सुविधा नहीं मिल रही है। जानलेवा बीमारियों की चपेट में आने पर उन्हें लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में अधिकांश नवजातों की सांसें लखनऊ जाते समय रास्ते में ही थम जाती हैं। नवजातों को गंभीर बीमारियों से निजात दिलाने के लिए अब मेडिकल कॉलेज में बच्चों के लिए एनआईसीयू का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए 59 लाख का बजट भी जारी कर दिया गया है। कोविड वार्ड का मरम्मतीकरण कराते हुए एनआईसीयू निर्माण कराया जाएगा। इससे नवजात शिशुओं को गंभीर रोगों से बचाते हुए नया जीवन दिया जा सकेगा।मेडिकल कॉलेेज में नवजात शिशुओं के लिए एनआईसीयू (न्यू बॉर्न केयर यूनिट) की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। परिणामस्वरूप गंभीर रोगों की चपेट में आने वाले नवजात शिशुओं के इलाज में परेशानियां आ रही हैं। जन्म से 28 दिन के बीच के शिशुओं के गंभीर रोगों से पीड़ि़त होने पर उनके इलाज की उचित व्यवस्था नहीं है। सर्दी, बुखार व डायरिया जैसी मामूली बीमारियों की चपेेट में आए नवजात को एसएनसीयू में भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है, लेकिन स्थिति गंभीर होने पर नवजात शिशुओं को वेंटीलेटर, सी पैड मशीन समेत अन्य विशेष उपकरणों के अभाव में चिकित्सक लखनऊ रेफर करने के लिए मजबूर होते हैं। बहराइच से लखनऊ की दूरी लगभग 125 किलोमीटर है। किसी प्रकार लखनऊ पहुंचने पर उन्हें यहां भर्ती कराने के लिए अभिभावकों को चक्कर काटने पड़ते हैं। मेडिकल कॉलेज के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रतिमाह 20 से 25 नवजात एनआईसीयू न होने के कारण लखनऊ रेफर किया जाता है। निजी नर्सिंग होम व अस्पताल से लखनऊ रेफर होने वाले नवजात शिशुओं की संख्या भी इसमें शामिल कर ली जाए तो यह आंकड़ा काफी बढ़ सकता है। नवजात शिशुओं को गंभीर रोगों के चंगुल से निजात दिलाने के लिए अब शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज में मासूमों के लिए एनआईसीयू की स्थापना कराई जाएगी। आवंटित धनराशि में से 29.40 लाख रुपए से भवन का मरम्मतीकरण व 29.40 लाख की लागत से पाइप लाइन बिछेगा।
विज्ञापन

.......................
यूूपीपीसीएल करेगा उपकरणों की आपूूर्ति
एनआईसीयू के भवन निर्माण व पाइप लाइन बिछाने के बाद वेंटीलेटर, सी पैक मशीन समेत अन्य आवश्यक उपकरणों की आपूूर्ति यूपीपीसीएल द्वारा की जाएगी। नवजात को बेहतर इलाज की सुुविधा प्रदान करते हुए उनका इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में किया जाएगा।
........................
निजी केंद्रों पर महंगा है इलाज
जिले में कुछ निजी नर्सिंग होम व अस्पतालों में एनआईसीयू की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन यहां इलाज का खर्च महंगा होने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिजन वहां नहीं जा पाते। मजबूरी में उन्हें लखनऊ जाने पर विवश होना पड़ता है। जो परिजन कर्ज लेकर अथवा किसी प्रकार इन निजी केंद्रों पर इलाज कराते भी हैं तो आए दिन नर्सिंग होम संचालकों व परिजनों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है।
विज्ञापन

.......................
उपलब्ध कराएंगे सुविधाएं
नवजात को भी बेहतर इलाज की सुुविधा उपलब्ध कराने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। शीघ्र ही एनआईसीयू की स्थापना कराते हुए सभी जीवनरक्षक उपकरण व दवाएं उपलब्ध कराते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी।
डॉ.संजय खत्री, प्राचार्य।
.............................
लखनऊ में होगा हजयात्रियों का टीकाकरण
बहराइच। कोरोना संक्रमण से निजात दिलाने के लिए लोगों को बूस्टर डोज देने का कार्य मेडिकल कॉलेज व अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बंद हो गया है। इसकी प्रमुख वजह बूस्टर डोज की वैक्सीन उपलब्ध न होना बताया जा रहा है। शासन से मांग करने के बाद भी अभी तक वैक्सीन उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। ऐसे में हज यात्रा पर जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हज यात्रा पर जाने वाले जायरीन को बूस्टर डोज लगवाना अनिवार्य है। इस संबंध में सीएमओ डॉ.एसके सिंह ने बताया कि हज यात्रा पर जाने वाले लोगों को लखनऊ में बूस्टर डोज लगाने के इंतजाम किए गए हैैं। हज यात्रा पर जाने वाले लोग लखनऊ में बूस्टर खुराक ले सकते हैं।
विज्ञापन

................................
संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें