टेड़वा महंत में बच्ची को गोद लिए महिला।
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लोकलज्जा के डर या फिर बेटी की चाहत नहीं होने के कारण किसी मां ने एक नवजात बालिका को मंगलवार रात टंड़वा महंत गांव के निकट झाड़ियों में फेंक दिया। रात भर जिंदगी-मौत से जूझती बालिका को सुबह कुछ लोगों ने देखा।
जिसके बाद एक महिला ने उसे अपनाने को ममता भरे हाथ आगे बढ़ाए। नवजात जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। टंड़वा महंत गांव के मजरा लोण्टाडा की पगडंडी से बुधवार सुबह सात बजे के करीब कुछ ग्रामीण गुजर रहे थे।
झाड़ियों के बीच से कुछ हल्की आवाज सुनाई दी। इस पर लोहारनपुरवा निवासी रीना पत्नी सेवक ने जाकर देखा तो वहां कपड़े में लिपटी एक नवजात मिली। वह उसे लेकर गांव पहुंच गई। सूचना मिलते ही क्षेत्र के लोग काफी संख्या में एकत्र हो गए।
ग्राम प्रधान सुनील चौधरी और समाजसेवी राजन सिंह समेत अन्य लोगों की मौजूदगी में नवजात की हालत बिगड़ने पर इलाज के बारे में चर्चा की जा रही थी। इसी दौरान गांव निवासी कांता पत्नी शंकर ने बच्ची के लालन पालन का जिम्मा लेने की बात कही। नवजात को परिवार के लोग गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कर उसका इलाज किया जा रहा है।