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नेपाली हाथियों ने मचाया उत्पात

Fri, 26 Aug 2016 10:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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मचाया उत्पात - फोटो : अमर उजाला
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नेपाल से आए हाथियों के झुंड ने गुरुवार रात कतर्नियाघाट रेंज क्षेत्र के दो गांवों में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने 60 बीघा गन्ना व धान की फसल रौंद डाली। गेरुआ सफारी पर्यटक केंद्र पहुंचे हाथियों लोहे के ग्रिल और जंजीरों को तोड़ डाला। जानकारी पर दोनों गांव के निवासी और वनकर्मी पूरी रात हाका लगाते रहे।
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भोर होने पर हाथियों का झुंड गेरुआ पार घने जंगलों की ओर चला गया तब लोगों ने राहत की सांस ली। हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों के साथ वन कर्मी भी सकते में हैं। ग्रामीण अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंतित हैं। 

नेपाल के रायल बर्दिया नेशनल पार्क से 10-12 हाथियों का झुंड गुरुवार रात करीब 10 बजे खाता कारीडोर के जंगलों से होते हुए कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र पहुंच गया। गेरुआ नदी पार कर हाथी भवानीपुर गांव के निकट जा पहुंचे। उस समय ग्रामीण सोने की तैयारी कर रहे थे। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर लोग दहशतजदा हो गए।
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ग्रामीण हाका लगाते हुए मशाल जलाकर ढोल और पीपा पीटते बाहर निकले। इसके चलते हाथियों का झुंड खेतों में ही रुक गया। ग्रामीणों के मकान तो बच गए लेकिन हाथियों ने भवानीपुर गांव के निकट धान व गन्ना की फसल रौंद डाली।

राधेश्याम, जगदीश, बाबूलाल, शिवकुमार, धुंधी, महेश समेत 13 लोगों की 60 बीघा फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। रात साढ़े बारह बजे के करीब हाथियों का झुंड पर्यटन केंद्र की ओर बढ़ा। हाथियों ने गेरुआ सफारी मार्ग पर लगी लोहे की रेलिंग और जंजीरों को तोड़ दिया।

जानकारी पर वनकर्मी हाका लगाते रहे लेकिन डेढ़ घंटे तक हाथी वहां जमे रहे। भोर में हाथियों का झुंड कतर्नियाघाट बंधा होता हुआ कैलाशपुरी गांव के निकट पहुंच गया और वहां चिंघाड़ सुनकर ग्रामीण जग गए।

वे रात भर हाका लगाते रहे लेकिन हाथियों ने कैलाशपुरी स्थित धर्मस्थल की चहारदीवारी को तोड़ डाला। भोर में हाथियों का झुंड गेरुआ पार कर नदी के दूसरी तरफ घने जंगलों में चला गया। अचानक शुरू हुए हाथियों के उत्पात से ग्रामीण दहशत में हैं। 
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