फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेपाल सरकार ने भी भारत में प्रवेश पर लगाई रोक

विज्ञापन
रुपईडीहा में नेपाल बार्डर पर सोमवार को नेपाल द्वारा आवागमन रोकने के बाद बार्डर पर खड़े लोग। - फोटो : BAHRAICH
विज्ञापन
रुपईडीहा (बहराइच)। कोरोना वायरस को लेकर अंतत: नेपाल सरकार ने भी भारत में प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। यह रोक एक हफ्ते तक चलेगी। नेपाल और भारत के अधिकारियों के बीच सोमवार को बैठक हुई। इसके बाद निर्णय लिया गया कि नेपाल से किसी भी यात्री को भारतीय सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। 30 मार्च तक सीमा पर आवागमन बंद रहेगा। सीमा बंद होने से तेल के टैंकर कतार में खड़े दिखाई दिए। बंदी के दौरान सिर्फ एंबुलेंस, माल वाहक वाहन और मीडिया कर्मी ही आवागमन कर सकेंगे। बंदी के चलते सीमा पर हजारों लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। नेपाल के बांके जिलाधिकारी के मुताबिक अब दोनों देशों के लोग सात दिन तक वहीं पर निवास करेंगे।
विज्ञापन

भारत-नेपाल सीमा पर रुपईडीहा पर बहराइच जिला प्रशासन ने चार दिन पूर्व नेपाल से आवागमन को पूरी तरह रोक दिया था। जबकि नेपाल के लोगों का आवागमन भारतीय सीमा में जारी था। लेकिन कोरोना वायरस का संक्रमण फैल रहा है। इसको देखते हुए सोमवार को नेपाल के बांके जिला कार्यालय में जिलाधिकारी कुमार बहादुर खड़का की अध्यक्षता में भारत की ओर से उपजिलाधिकारी नानपारा रामआसरे वर्मा की अगुवाई में बैठक हुई।
इस दौरान बांके के जिलाधिकारी कुमार बहादुर ने कहा कि कोरोना के चलते नेपाल से भारतीय सीमा में प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। डीएम बांके ने कहा कि सात दिन तक नेपाल से भारतीय सीमा में पूरी तरह से रोक रहेगी। 30 मार्च तक सीमा बंद रहेगी। रोक के दौरान मालवाहक वाहन, मीडिया कर्मी व एंबुलेंस ही आवागमन कर सकेंगे। इस पर एसपी बांके वीर बहादुर ओली व एसडीएम नानपारा ने सहमति जतायी। रोक के चलते नेपाल के जमुनहा में लोगों की काफी भीड़ रही। तेल के टैंकर खड़े रहे। डीएम बांके ने बताया कि दोनों देश के लोग जहां पर हैं, वहीं सात दिनों तक निवास करेंगे।
विज्ञापन

नेपाल से सवा दो लाख लोग गए भारत
नेपाल के बांके जिले के डीएम कुमार बहादुर खड़का ने बताया कि नेपाल के काठमांडू स्थित पुलिस महा शाखा में दो लाख 22 हजार 407 यात्री पंजीकृत हैं। यह सभी यात्री भारत के विभिन्न प्रदेशों में काम कर रहे हैं। ऐसे में आवागमन रुकने सेे यह सभी यात्री भी नेपाल सीमा के साथ भारत के विभिन्न प्रदेशों में रुकने को मजबूर रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें