बहराइच। एक दलित किशोरी के साथ अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म व जबरन निकाह करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो की कोर्ट ने सीओ महसी को दंडित किया। मामले में कोर्ट ने सीओ को दो घंटे कठघरे में खड़ा रहने की सजा सुनाई। दो घंटे खड़ा रहने के बाद उन्हें जाने दिया गया।
थाना हरदी क्षेत्र के एक गांव निवासी दलित किशोरी के साथ अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म व धर्म परिवर्तन कर निकाह करने के मामले में सीओ महसी रहे अनिल कुमार सिंह विवेचना कर रहे थे। वर्तमान में वे कैसरगंज के सीओ है। पीड़िता की मां का आरोप है कि मामले में सीओ द्वारा अवैध वसूली कर गलत ढंग से हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पीड़िता के परिजनों ने विशेष न्यायाधीश पॉक्सो दीपकांत मणि की कोर्ट में शिकायत की थी।
कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ महसी को बुधवार को न्यायालय में तलब किया था। वे राहत के लिए हाईकोर्ट की शरण में भी गए थे, लेकिन उनको वहां से राहत नहीं मिली। बाद में सीओ को कोर्ट में हाजिर होना पड़ा। कोर्ट ने सीओ को मामले में दंडित करते हुए दो घंटे कठघरे में खड़ा रहने की सजा सुनाते हुए 10 हजार रुपये की जमानत पर रिहा किया।