बहराइच। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में स्वयं सहायता समूहों के गठन की प्रगति धीमी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्धारित 22,557 समूहों के लक्ष्य के सापेक्ष 28 अक्तूबर तक 14,942 समूहों का ही एमआईएस पोर्टल पर अंकन हो सका है। इस तरह लक्ष्य के सापेक्ष 66.24 फीसदी उपलब्धि हासिल हुई है। पांच ब्लॉकों की प्रगति सबसे खराब है।
अगस्त में समूह गठन और परिवारों को जोड़ने के मामले में जिला पूरे प्रदेश में अव्वल रहा था, लेकिन अब प्रगति धीमी पड़ गई है। ब्लॉकवार आंकड़ों के अनुसार, हुजूरपुर, जरवल, चित्तौरा, रिसिया और नवाबगंज लक्ष्य से काफी पीछे हैं। वहीं, महसी ब्लॉक ने लक्ष्य से अधिक समूहों का गठन कर बेहतर प्रदर्शन किया है। निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए पिछड़े ब्लॉकों में गठन की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत है।
ब्लॉकवार लक्ष्य और प्रगति
हुजूरपुर- 1,685- 718
जरवल- 1,681- 903
चित्तौरा- 1,895- 1,018
रिसिया- 1,601- 915
नवाबगंज- 1,454- 865
बलहा- 1,286- 774
विशेश्वरगंज- 1,622- 985
फखरपुर- 1,853- 1,189
पयागपुर- 1,496- 963
कैसरगंज- 1,496- 971
तेजवापुर- 1,580- 1,130
शिवपुर- 1,475- 1,072
मिहींपुरवा- 1,832- 1,780
महसी- 1,601- 1,659
कुल- 22,557- 14,942
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सुधार नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई
समूह गठन में खराब प्रगति वाले ब्लॉकों के जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। सुधार न होने पर कार्रवाई की जाएगी।
-धनंजय सिंह, उपायुक्त, एनआरएलएम।