तेजवापुर ब्लाक के जब्दी गांव निवासी नीलम। -संवाद
बौंडी (बहराइच)। ब्लॉक क्षेत्र तेजवापुर की ग्राम पंचायत जब्दी निवासी नीलम महिलाओं के लिए मिसाल बन गई हैं। स्वयं सहायता समूह बनाकर घर पर ही गांव की अनपढ़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ रही हैं। उन्होंने गांव में ही सौर ऊर्जा से संचालित मशीन से गेहूं व मसाला पीसने के साथ पैकिंग का काम शुरू किया है।
नीलम बताती हैं कि वह वर्ष 2019 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं। अब वह ग्राम पंचायत जब्दी से संचालित कुल 20 समूहों की 240 महिलाओं का हिसाब-किताब देखने का काम करती हैं। उन्होंने बताया कि सभी 20 समूहों के साथ हर सप्ताह बैठक, समय पर बचत व ऋण संबंधी काम के साथ ही व पंच सूत्र का पालन आदि काम भी करती हैं।
उन्होंने बताया कि इसके बाद समय निकालकर आटा चक्की चलाती हैं। वह घर में आटा चक्की से अब डेढ़ लाख रुपये सालाना कमा रही हैं। सौर ऊर्जा से संचालित चक्की से पिसाई कराना सस्ता पड़ता है। नतीजतन गांव में सबसे अधिक गेहूं, दाल व मक्का पीसने के लिए इनके पास ही आता है।
इस काम में नीलम ने अपने साथ गांव की ही स्वयं सहायता समूह की सुशीला, बिटाना, प्रेमा व रामा को जोड़ा है ताकि उन्हें भी अपने घर का खर्च उठाने व परिवार का भरण-पोषण करने में आसानी हो।
नीलम ने बताया कि इससे पूर्व आर्थिक स्थिति बहुत दयनीय थी। घर भी फूस का बना हुआ था। काफी दिक्कतें झेलने के बाद उनकी जिंदगी में एक आशा की किरण बनकर स्वयं सहायता समूह आया। ब्लॉक मिशन मैनेजर संतोष कुमार ने बताया कि समूह की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके लिए समूहों को ऋण वितरण का भी प्रावधान है।