श्रावस्ती। सिद्धार्थनगर-बहराइच वाया श्रावस्ती रेल परियोजना का फेज-2 शुरू हो गया। बहराइच, श्रावस्ती व बलरामपुर में रेल पटरी के लिए भौतिक सर्वे हो रहा है। इसके लिए कंपनी मिट्टी की जांच कर रही है। इस पूरी परियोजना में दो बड़े पुल का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही 118 अन्य छोटे व मझौले पुलों का निर्माण होगा। बजट में सिद्धार्थनगर-बहराइच वाया श्रावस्ती रेल परियोजना के फेज 2 के लिए धनराशि का आवंटन किया गया है। फेस 2 बहराइच से बलरामपुर के मध्य 80 किलोमीटर का है। इसके लिए रेल मंत्रालय ने पहले ही भौतिक सर्वे के लिए कंपनी का चयन कर लिया था। कंपनी जमीनी रूप से मिट्टी की जांच कर रेल परियोजना के लिए भौतिक सत्यापन का कार्य कर रही है। फेज 2 के लिए बजट आवंटित होने के साथ ही अब जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया इसी सर्वे के बाद से शुरू हो जाएगा। सबसे पहले क्षेत्र में सामाजिक सर्वे किया जाएगा। इससे यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा की रेल लाइन का निर्माण करने से लोगों के सामान्य जनजीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इसी के बाद अधिग्रहण होगा।
पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से जमीन का भौतिक सत्यापन हो रहा है। इसमें बहराइच से लेकर श्रावस्ती तक कुल आठ स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। ये स्टेशन बहराइच में आजादपुर, धुसवा, श्रावस्ती में बरदेहरा, भिनगा, विशुनापुर रामनगर, इकौना व श्रावस्ती हैं।
प्रथम चरण में खलीलाबाद से बांसी तक लगभग 55 किमी रेल लाइन बिछाने की तैयारी लगभग पूरा हो चुका है। इसके लिए रेलवे प्रशासन ने 82 गांव के 260 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। दूसरे चरण में बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में कुल 80 किलोमीटर लाइन बनाई जानी है। इस नव सृजित रेल लाइन के मध्य आने वाले पांच जिलों को जोड़ने वाले खलीलाबाद-बहराइच नए रेलमार्ग में कुल 32 स्टेशन होंगे। इसमें चार जंक्शन, 16 क्रॉसिंग और 12 हाॅल्ट होंगे। इसके अलावा दो महत्वपूर्ण बड़े पुल राप्ती नदी पर बनाए जाएंगे। इसके साथ ही 32 बड़े और 86 छोटे पुलों का निर्माण होगा।
सेटेलाइट से पहले रेल लाइन का सर्वे किया जा चुका है। अब उसका भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। इसमें मिट्टी का प्रकार जांचने के साथ ही अन्य तकनीकी जानकारी एकत्र की जाती है। इसी के बाद डीपीआर तैयार होगा। फेज 2 पर कार्य जल्द शुरू हो जाएगा।
पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे