जमुनहा (श्रावस्ती)। जमुनहा के उपभोक्ताओं को बिजली की समस्या से निजात दिलाने के लिए तहसील क्षेत्र में 132 व 33 केवीए का विद्युत उपकेंद्र का निर्माण होना है। शासन की ओर से भूमि मांगी गई थी। जिसे अब तक तहसील प्रशासन मुहैया नहीं करा सका है। क्षेत्र वासियों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। सीमावर्ती जमुनहा विकास क्षेत्र के गांवों को आज भी बहराइच के सहारे विद्युत आपूर्ति मिल रही है। वहां बिजली की मांग बढ़ने पर जमुनहा क्षेत्र की आपूर्ति बाधित कर दी जाती है। कोई भी मौसम हो यहां के लोगों को अघोषित बिजली कटौती का दंश झेलना पड़ता है। गैर जिले का मामला होने के कारण उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान भी जिला स्तर पर नहीं हो पाता।
स्थाई समाधान के लिए जमुनहा के शिकारी चौड़ा के आसपास 132 केवीए व जमुनहा बाजार के आसपास 33 केवीए उपकेंद्र के निर्माण की स्वीकृति मिली थी। बिजली निगम की ओर से डीएम को पत्र भेज कर सरकारी भूमि मुहैया कराने की मांग की गई थी। डीएम ने एसडीएम जमुनहा को पत्र भेज कर नवीन परती, ग्राम समाज अथवा कोई अन्य सार्वजनिक भूमि का चयन कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।
तहसील प्रशासन अब तक भूमि का चयन नहीं कर सका है। इन उपकेंद्रों का निर्माण हो जाए तो जमुनहा, वीरगंज, मल्हीपुर व बदला बाजार सहित क्षेत्र के करीब 65 ग्राम पंचायतों की विद्युत समस्या का स्थाई समाधान हो सकता है। इस बारे में अधिशाषी अभियंता विद्युत डीपी सिंह का कहना है कि रिमाइंडर भेजा जाएगा। भूमि मिलते ही उपकेंद्र का निर्माण प्रारंभ करा दिया जाएगा। संवाद