बहराइच। कोतवाली देहात क्षेत्र निवासी दो महिलाओं को गैरकानूनी ढंग से गिरफ्तार करने के मामले में प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह, गोरखपुर जोन के आईजी, जिले के एसपी, महिला एसओ व कोतवाली देहात के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक को तलब किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने पीड़ित महिलाओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी 28 जनवरी को जवाब देने के लिए तलब किया है।
कोतवाली देहात के चिलवरिया पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव निवासी 50 वर्षीय महिला के घर कोतवाली देहात के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र बहादुर सिंह पुलिस टीम के साथ शाम पौने आठ बजे बिना किसी वारंट के महिला व उसकी ननद को जीप में बैठाकर महिला थाने में लाकर बंद कर दिया था। महिलाओं का आरोप था कि प्रभारी निरीक्षक सिंह ने उनके साथ गाली गिलौज करते हुए छेड़छाड़ व अभद्रता भी की थी। पीड़ित पक्ष के परिजनों की ओर से मामले में उच्च न्यायालय में याचिका प्रस्तुत कर न्याय की गुहार लगाई थी। उच्च न्यायालय ने घटना को गंभीर मानते हुए दोनों महिलाओं को तत्काल रिहा करने के निर्देश दिया था। उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद महिलाओं को छोड़ दिया गया था। महिलाओं के साथ घटित घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी।
गिरफ्तारी के विरोध में महिला के परिजनों ने बिना वारंट के गिरफ्तारी व आदि को लेकर परिजनों ने सर्वोच्च न्यायालय में अधिवक्ता निशा तिवारी, श्रेयास अग्रवाल व सदाशिव की टीम के माध्यम से रिट दायर की थी। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एएस बोपन्ना व हिमा कोहली ने मामले में बीते 20 जनवरी को सुनवाई करते हुए प्रमुख सचिव गृह, आईजी जोन गोरखपुर, एसपी बहराइच, महिला थानाध्यक्ष समेत तत्कालीन कोतवाल सतेंद्र बहादुर सिंह को नोटिस जारी करते हुए 28 जनवरी को तलब स्पष्टीकरण मांगा है। सर्वोच्च न्यायालय का आदेश आने के बाद पुलिस महकमे हड़कंप की स्थित बनीं हुई है।