बहराइच। स्वास्थ्य सुविधाओं की आड़ में कैसे पैसे कमाए जाते हैं इसका ताजा उदाहरण बहराइच के मेडिकल कॉलेज में देखा जा सकता है। यहां महिला विंग में भर्ती मरीजों को भोजन देने में जमकर धांधली बरती जा रही है। पूूरा अस्पताल सौ बेड का है, लेकिन भोजन का भुगतान दो सौ लोगों के हिसाब से किया जा रहा है। सुबह व शाम नाश्ता व भोजन भी रोज नहीं मिल रहा है।
इसके साथ ही बीते दो वर्ष से अधिक समय से मरीजों को खाना देने के लिए टेंडर भी नहीं कराया गया है। मनमाने तरीके से खेल करते हुए प्रतिमाह लाखों का वारा-न्यारा स्वास्थ्य महकमे से जुड़े उच्चाधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। कागजों में खेल कर भुगतान निकालने के बाद भी यहां भर्ती मरीजों के तीमारदारों को मरीजों के भोजन का इंतजाम करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज के महिला विंग में भर्ती मरीजों को भोजन परोसने के नाम पर बीते कई वर्षों से जमकर धांधली बरती जा रही है। इसका खुलासा भी कई बार उच्चाधिकारियों की जांच के दौरान हो चुका है। इसके बाद भी दोषियों की जांच कर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। महिला विंग में सौ बेड हैं। बीते दो वर्षों से अधिक समय से महिला विंग में भोजन परोसने के लिए न तो कोई टेंडर निकाला गया है न ही शासन-प्रशासन द्वारा किसी कार्यदाई संस्था को नामित किया गया है।
अधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से सिर्फ कागजों में ही भर्ती मरीजों को सुुबह व शाम का भोजन व नाश्ता परोसने के दावे किए जा रहे हैं। जबकि वास्तविकता इससे काफी अलग है। यहां भर्ती मरीजों में से कुछ मरीजों को कभी सुबह व कभी शाम को भोजन परोसने की औपचारिकता निभाई जाती है।
भोजन परोसने का जिम्मा किस संस्था को सौंपा गया है या इसका टेंडर क्यों नहीं कराया जा रहा। इसका जवाब देने को कोई भी अधिकारी तैयार नहीं है। जबकि यहां मरीजों के साथ ही उनके साथ मौजूद तीमारदार को भी दोनों समय नाश्ता व खाना देने की जानकारी दर्ज कर कागजों में प्रतिमाह लाखों रुपए का घोटाला किया जा रहा है।
........................
पकड़ी गई है फर्जी रिर्पोटिंग
लगभग एक माह पूूर्व मेडिकल कॉलेज का कार्य भार ग्रहण करने वाले प्राचार्य डॉ.संजय खत्री को एक सप्ताह पहले महिला विंग के निरीक्षण के दौरान यहां भर्ती मरीजों को भोजन न मिलने की शिकायत मिली थी। इसकी जांच के दौरान उन्हेें रजिस्टर में फर्जी रिपोर्टिंग भी देखने को मिली। बिना मरीजों को भोजन दिए ही रजिस्टर में खाना परोसने की जानकारी दर्ज थी। जिस पर उन्होंने तत्काल दो स्टॉफ नर्सों को निलंबित कर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए थ।
कभी खाना मिलता है कभी नहीं
महिला विंग में भर्ती शेखदहीर निवासी रीना ने बताया कि यहां खाना मिलने का कोई समय नहीं तय है। कभी खाना मिलता है कभी नहीं मिलता। मरीजों को सुविधाएं प्रदान करने में लापरवाही बरती जा रही है।
...............
कब मिलेगा भोजन पता नहीं
मोहल्ला माधवरेती निवासी मरीज सोनम ने बताया कि कभी कर्मियों द्वारा भोजन उपलब्ध कराया जाता है तो कभी नहीं। मिलता भी है तो काफी देर से। ऐसे में अधिकांश मरीज भोजन लेते भी नहीं। समय से भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
रोटियां कच्ची व और दाल भी पतली
खाना कभी मिलता है तो कभी नहीं। खाने की गुणवत्ता भी ठीक नहीं होती। किसी दिन दाल पतली होती है तो किसी दिन कच्ची रोटी मिलती है। मरीजों को खाना देने के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
तीमारदार को नहीं मिलता खाना
बाजदारीपुरवा निवासी तमन्ना ने बताया कि मरीजों को तो कभी-कभी खाना दिया जाता है, लेकिन उनके साथ मौजूद किसी भी तीमारदार को खाना नहीं दिया जाता। तीमारदार को खाना दिए जाने की बात गलत है।
प्रकरण गंभीर, जांच कर करेंगे कार्रवाई
महिला विंग में मरीजों को दिए जाने वाले भोजन में धांधली बरते जाने की शिकायत सामने आई है। प्रकरण काफी गंभीर है। इस मामले में सघन जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। मरीजों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
-डॉ.दिनेेश चंद्र, जिलाधिकारी।