तेंदुए के हमले में घायल बच्चा। -संवाद
बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग से सटे आंबा गांव में बुधवार शाम एक तेंदुए ने खेत में काम कर रही महिला के छह साल के बेटे पर हमला कर दिया। मां ने बेटे को बचाने के लिए तेंदुए से लगभग पांच मिनट तक संघर्ष किया। छोटे भाई ने डंडा मारकर तेंदुए को जंगल में भागने पर मजबूर कर दिया।
कतर्नियाघाट रेंज में स्थित आंबा गांव निवासी सुनीता देवी बुधवार शाम बच्चों के साथ धान के खेत में काम कर रही थीं। उसी दौरान अचानक झाड़ियों से निकले तेंदुए ने बड़े बेटे प्रिंस (6) को दबोच लिया और खींचकर झाड़ियों में ले जाने लगा। सुनीता ने बिना देर किए तेंदुए पर झपट्टा मारा और पूरी ताकत से बेटे को अपनी ओर खींचने लगीं।
लगभग पांच मिनट तक सुनीता शोर मचाते हुए तेंदुए से संघर्ष करती रहीं। भाई को जबड़े से न छोड़ते देख पास खड़े छोटे बेटे ने डंडे से तेंदुए पर वार कर दिया। वार लगते ही तेंदुआ घायल प्रिंस को छोड़ जंगल की ओर चला गया।
हमले में प्रिंस की पीठ और पेट पर गहरे जख्म हो गए। परिजन तुरंत उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। हालत स्थिर बताई जा रही है।
आंबा गांव में तेंदुए की यह पहली घटना नहीं है। दो दिन पहले भी तेंदुए ने गांव निवासी पप्पू के खेत में एक छुट्टा गाय का शिकार किया था। दहशतजदा ग्रामीण वन विभाग से गांव में निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है।